नगर निगम ने बदला घंटाघर की घड़ियों के साथ परिसर का स्वरूप

असमाजिक तत्वों के लगने वाले जमघट भी समाप्त

कोरबा 03 अप्रैल। कोरबा शहर के जिस घंटाघर चौक को शहर के सबसे बड़े चौक का गौरव हासिल है उसकी तस्वीर अब पूरी तरह से बदल गई है। किसी जमाने में घंटाघर की चारों घड़ियां अलग अलग समय बताती और यहां पर गंदगी का आलम होने के साथ ही असमाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता था, लेकिन अब चारों घड़ियां सही समय बताती वहीं इसका सौंदर्यीकरण करने के साथ ही आवारा तत्वों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

घंटाघर की चार घड़ी,चारों में जंजीर पड़ी,ये कहावत शहर के सबसे बड़े चौक घंटाघर चौक के लिए पिछले कई सालों से उपयोग की जाती थी,लेकिन ये कहावत अब पूरी तरह से बदल चुकी हैं क्योंकि घड़ियों में लगी जंजीर अब टूट चुकी है और ये सही समय बताने लगी है। दरअसल चारों घड़ियों के अलग अलग समय बताने के कारण ही इसके लिए जंजीर जैसी कहावत का उपयोग किया जाता था,लेकिन निगम प्रशासन की गंभीरता से घड़ियों की मरम्मत कराई गई और ये सही समय बताने लगी है। इतना ही नहीं घंटाघर का सौंदर्यीकरण भी कर दिया गया है। पहले यहां पर चारों तरफ गंदगी पसरी रहती थी और असमाजिक तत्वों का डेरा भी लगा रहता था। लेकिन अब घंटाघर का सौंदर्यीकरण इसे उद्यान के रुप मे विकसित कर दिया गया है साथ ही असमाजिक तत्वों के लगने वाले जमघट को भी समाप्त कर दिया गया है।

घंटाघर की चारों घड़ियों का सुधार कार्य होने जाने से आम जनता भी काफी खुश नजर आ रही है। अलग अलग समय बताने से कई बार लोग भ्रम में पड़ जाते थे,लेकिन अब ऐसी स्थित नहीं है। बहरहाल घंटाघर की तरह शहर के अन्य क्षेत्रों का भी सौंदर्यीकरण करने की जरुरत है ताकी कोरबा शहर स्वच्छ और सुंदर शहर बन सके।

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