तेज हवाओं का असरः पेड़ों की टहनियां से बिजली लाइन की व्यवस्था हुई प्रभावित, कई इलाके में छाया अंधेरा

कोरबा 26 सितंबर। चक्रवात के प्रभाव से कोरबा जिले में पिछले करीब 24 घंटे से मौसम बिगड़ा हुआ है। लगातार बारिश के साथ तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बारिश के कारण जहां कई तरह की समस्याएं सामने आईं, वहीं तेज हवाओं के चलते पेड़ों और उनकी बड़ी-बड़ी टहनियों के टूटकर विद्युत लाइनों पर गिरने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई। कई स्थानों पर 33 केवी क्षमता वाली विद्युत लाइन में फॉल्ट और टूट-फूट होने के कारण रातभर कई इलाकों में बिजली गुल रही।
जानकारी के अनुसार कोरबा शहर के तुलसी नगर, पढ़ीमार जोन सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं का व्यापक असर देखने को मिला। हवा की रफ्तार बढने के कारण मजबूत पेड़ों की शाखाएं टूटकर विद्युत लाइनों पर जा गिरीं। इसके चलते बिजली आपूर्ति करने वाली लाइनों में खराबी आई और कई फीडर ट्रिप हो गए। अचानक विद्युत आपूर्ति बंद होने से संबंधित क्षेत्रों में मध्य रात्रि से अंधेरा छा गया। बिजली गुल होने के कारण लोगों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा। मोबाइल चार्जिंग, घरेलू उपकरणों के संचालन सहित अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हुए। सुबह तक बिजली बहाल नहीं होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। कई प्रभावित क्षेत्रों में सुबह करीब 10 बजे तक विद्युत आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी थी।
मौसम खराब होने के कारण बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए भी फॉल्ट तलाशना और सुधार कार्य करना चुनौतीपूर्ण रहा। कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां हटाने के बाद खराबी सामने आ गई, जबकि कई स्थानों पर फॉल्ट का पता लगाने में समय लगा। इसके बाद विभाग की टीमों ने प्रभावित फीडरों को एक-एक कर दुरुस्त करने का काम शुरू किया। कोरबा विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता राजकुमार सोनकर ने बताया कि मौसम की वजह से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के सामने कई स्थानों पर तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इन्हें दूर करने के लिए पर्याप्त मैनपावर और तकनीकी टीमों को लगाया गया है। जहां फॉल्ट की जानकारी मिल रही है, वहां तत्काल सुधार कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभावित फीडरों को क्रमशः दुरुस्त कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास जारी है।
विद्युत व्यवस्था के पटरी होने के कारण कोरबा और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में पानी आपूर्ति समेत दूसरे कामकाज पर भी असर पड़ा। बिजली न होने से ना तो फिल्टर प्लांट्स में काम हुआ और ना ही इसके जरिए ओवरहेड टैंक तक पानी भिजवाने की व्यवस्था हो सके। अगली प्रक्रिया इसके बाद ही हो पाती है। इसी वजह से आज सुबह कई क्षेत्रों में पानी आपूर्ति नहीं की जा सकी। वही बिजली न होने के कारण वैकल्पिक उपाय ने भी काम नहीं किया। व्यावसायिक कामकाज पर भी इस वजह से काफी असर पड़ा।
