असामान्य जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर हाईपावर्ड कमेटी का गठन किया गया

नई दिल्ली। देश में असामान्य जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर गंभीर केंद्र (डेमोग्राफी) सरकार ने घुसपैठ सहित अन्य कारणों, प्रभाव और इस चुनौती से निपटने के सुझाव देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस पीपी नावलेकर की अध्यक्षता में हाईपावर्ड कमेटी का गठन किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए संबोधन में यह डेमोग्राफी मिशन बनाने की घोषणा की थी। गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक्स पोस्ट में कमेटी गठन की घोषणा की। कमेटी एक साल में रिपोर्ट देगी और आवश्यकता होने पर गृह मंत्रालय इसका कार्यकाल छह माह बढ़ा सकता है। मोदी कैबिनेट ने 11 सितंबर, 2025 को कमेटी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसका गठन अब किया गया है।
कमेटी घुसपैठ के अलावा देश में रहने वाले विभिन्न समुदायों में असामान्य जनसंख्या वृद्धिच उनके बसावट पैटर्न का भी अध्ययन करेगी और इससे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए नीतिगत्, प्रशासनिक व कानूनी उपायों की सिफारिश करेगी।
क्यों किया कमेटी का गठन
डेमोग्राफी बदलाव भाजपा व आरएसएस का अहम मुद्दा रहा है। प्रेक्षकों के अनुसार भाजपा व मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड व पूर्वोत्तर राज्यों में घुसपैठ व देश में विभिन्न समुदायों, खासकर मुसलमानों में, असामान्य जनसंख्या वृद्धि व बररावट पैटर्न को मुद्दा बनाया है। भाजपा के साथ आरएसएस भी इस बदलाव को देश की सुरक्षा व सामाजिक सौहार्द को चुनौती बताते हुए इसका ममाधान वाहता है। डेमोग्राफी बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। घुसपैठिए देश के नौजवानों को रोजी-रोटी छीन रहे हैं, बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं, आदिवासियों को भ्रमित कर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। देश यह सहन नहीं करेगा। डेमोग्राफी परिवर्तन से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संकट पैदा होता है। सामाजिक तनाव के बीज बो देता है। हमने एक हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का निर्णय किया है जो इस मंडराते संकट से निपटने का काम करेगा। पीएम नरेंद्र मोदी (15) अगस्त, 2025 को लाल किले से संबोधन में)
ये होंगे कमेटी में
अध्यक्षः जस्टिस पीपी नावलेकर, पूर्व जज, सुप्रीम कोर्ट
सदस्यः दुर्गा शंकर मिश्रा (रिटायर्ड आइएएस), बालाजी श्रीवास्तव (रिटायर्ड आइपीएस) डॉ. शमिका रवि (अर्थशास्त्री), जनगणना आयुक्त
सदस्य सचिवः संयुक्त सचिव (विदेशी मामलात-1), गृह मंत्रालय
यह करेगी कमेटी
घुसपैठ व अन्य कारणों से डेमोग्राफ्री में बदलाव से उपजी चुनौतियों व उनसे निपटने के उपाय सुझाना।
डेमोग्राफी बदलाव के कारणों जैसे घुसपैठ, आर्थिक अवसर, सामाजिक स्थिति का अध्ययन।
धार्मिक या सामाजिक समुदायों के स्तर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों व नियोजित प्रवास का विश्लेषण।
घुसपैठियों की पहचान, पकड़ने और निर्वासन के लिए एसओपी की सिफारिश।
निगरानी के लिए सीमा प्रबंधन, जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए संस्थागत तंत्र की सिफारिश।
इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल के लिए ढांचा सुझाना।
भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती
घ सपैठ और अन्य कारणों से असामान्य बदलाव किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है। यह कमेटी, घुसपैठ व अन्य असामान्य कारणों से देश में हो रहे डेमोग्राफी बदलाव का मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का विश्लेषण कर समयबद्ध समाधान पेश करेगी।
अमित शाह, एक्स पर पोस्ट
