भादी अमावस्या पर सप्तदेव मंदिर में 10 सितंबर को होगा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, तैयारी शुरू

कोरबा 29 अगस्त। श्री सप्तदेव मंदिर, कोरबा में श्री भादी अमावस्या के पावन अवसर पर 10 सितंबर को रात्रि 10 बजे से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां शुरू हो गई हैं।

पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाली यह काव्य संध्या केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्ति, धर्म, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना का सुंदर संगम होगी। देश के विभिन्न राज्यों से पधार रहे सुप्रसिद्ध कवि-कवयित्रियां अपनी रचनाओं के माध्यम से मां श्री रानी सती दादी के श्रीचरणों में काव्यांजलि अर्पित करेंगे। साथ ही अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं एवं साहित्यप्रेमियों को आध्यात्मिक और साहित्यिक आनंद प्रदान करेंगे।

श्री सप्तदेव मंदिर का वातावरण वर्षभर धार्मिक आयोजनों, भक्ति-संगीत एवं आध्यात्मिक गतिविधियों से भक्तिमय बना रहता है। इसी क्रम में भादी अमावस्या के अवसर पर आयोजित यह कवि सम्मेलन धार्मिक वातावरण में साहित्य और संस्कृति की विशेष छटा बिखेरेगा। कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले कवि भक्ति एवं अध्यात्म, भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकारों, हास्य-व्यंग्य तथा जीवन के विविध रंगों को अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन में अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की सांस्कृतिक समिति की संयोजिका एवं सुप्रसिद्ध कवयित्री सुश्री सोनल जैन, सूरत (गुजरात), इंजीनियर विनोद नयन, जबलपुर (मध्यप्रदेश), जयकुमार जय, भरतपुर (राजस्थान), विमल सोनी, सूरत (गुजरात) एवं बृजकिशोर पटेल, इटारसी (मध्यप्रदेश) काव्य पाठ करेंगे। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अंजना सिंह ठाकुर कोरबा होंगी।

इन सभी रचनाकारों की अपनी अलग पहचान और विशिष्ट काव्य शैली है। उनकी रचनाओं में हास्य-व्यंग्य के साथ धर्म, अध्यात्म, राष्ट्र, समाज एवं मानवीय संवेदनाओं की झलक देखने को मिलेगी। इस कारण यह कवि सम्मेलन सभी आयु वर्ग के श्रोताओं के लिए मनोरंजन के साथ-साथ प्रेरणा का माध्यम भी बनेगा। श्री भादी अमावस्या का पर्व श्री रानी सती दादी के भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा एवं आस्था का पर्व है। इस अवसर पर देशभर में दादी भक्त विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। श्री सप्तदेव मंदिर में भी इस पावन अवसर को धार्मिक श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाने की परंपरा रही है। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन एवं कृष्णा ग्रुप ने कोरबा सहित आसपास के सभी नगरवासियों, दादी भक्तों, श्रद्धालुओं एवं साहित्यप्रेमियों से कवि सम्मेलन में उपस्थित होकर आयोजन का आनंद लेने का आग्रह किया है।

भादी अमावस्या के मुख्य उत्सव से एक दिन पूर्व आयोजित यह भव्य कवि सम्मेलन भक्तों के लिए भक्ति के साथ साहित्य एवं संस्कृति का आनंद लेने का विशेष अवसर होगा। किशन लाल मोदी मेमोरियल ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी अशोक मोदी ने बताया कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराओं, भाषा, साहित्य और सामाजिक मूल्यों को जीवंत बनाए रखने का माध्यम भी है। इसी भावना के साथ श्री सप्तदेव मंदिर में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समय-समय पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता रहा है।

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