साइबर जागृति अभियानः रक्षाबंधन पर मनाया गया साइबर सुरक्षा बंधन

कोरबा 29 अगस्त। जिले में साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कोरबा पुलिस का ‘साइबर जागृति अभियान’ लगातार जारी है। अभियान के दूसरे सप्ताह में 28 अगस्त को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस ने ‘साइबर सुरक्षा बंधन’ के रूप में जागरूकता की राखी के साथ लोगों को साइबर ठगी से बचने का संदेश दिया। इस दौरान लोगों ने जागरूकता की राखी के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर भी साझा की।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितीश ठाकुर के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत थाना कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार, चौतमा सहित अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। दीपका थाना परिसर, सर्वमंगला चौक, कटघोरा बस स्टैंड, दर्री स्थित हीरो एजेंसी, हरदीबाजार बस स्टैंड एवं आसपास के दुकानों, उरगा चौक तथा करतला के रामपुर और बेहरछुआ साप्ताहिक बाजार में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस जवानों ने आम नागरिकों को बैंक फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों के नए तरीकों की जानकारी देते हुए सतर्क रहने की अपील की।
अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई, पिन, पासवर्ड, बैंक खाते से संबंधित जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। इसके साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने, फर्जी कॉल का जवाब देने, संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करने और फर्जी वेबसाइट पर बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से बचने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी करने वाले अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी केवायसी अपडेट के नाम पर, तो कभी पीआई या अन्य ऑनलाइन भुगतान से संबंधित बहाने बनाकर गोपनीय जानकारी हासिल की जाती है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित ‘साइबर सुरक्षा बंधन’ कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक रक्षा सूत्र के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचाना रहा। पुलिस टीमों ने नागरिकों के साथ जागरूकता की राखी के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा की और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करे। साइबर ठगी की जानकारी तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर दें या साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। पुलिस के अनुसार ठगी के तुरंत बाद की गई शिकायत से धोखाधड़ी की रकम को रोकने या उसके ट्रांजैक्शन को ट्रेस करने में मदद मिल सकती है।
