पवित्र रक्षाबंधन पर्व श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाएगाः अजय दुबे

संस्कृति, परंपरा को मजबूत करते हैं पर्व
कोरबा 23 अगस्त। भाई-बहन के पवित्र स्नेह, विश्वास और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प से जुड़ा रक्षाबंधन पर्व श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाएगा। यह पर्व भारतीय सनातन संस्कृति में पारिवारिक रिश्तों की है। सनातन संघर्ष समिति के कोरबा जिला संयोजक अजय दुबे ने कहा कि रक्षाबंधन हमारी शाश्वत मान्यताओं और प्राचीन परंपराओं पर आधारित महत्वपूर्ण पर्व है। वेद-पुराणों से लेकर विभिन्न धार्मिक आख्यानों में रक्षा-सूत्र और उसके महत्व का वर्णन मिलता है।
भारतीय हिंदू जीवन पद्धति में पर्व और त्योहारों का विशेष स्थान रहा है। ये पर्व केवल धार्मिक आस्था से नहीं जुड़े हैं, बल्कि परिवार और समाज में प्रेम, सहयोग, संस्कार तथा मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह और विश्वास को और प्रगाढ़ करता है। बहन द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधना जहां प्रेम और मंगलकामना का प्रतीक है, वहीं भाई द्वारा बहन की रक्षा और सम्मान का संकल्प इस रिश्ते को और अधिक सार्थक बनाता है।
अजय दुबे ने कहा कि बदलते समय में भी सनातन परंपराओं की प्रासंगिकता बनी हुई है। रक्षाबंधन जैसे पर्व नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों से जोडने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। यही कारण है कि यह पर्व आज भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
