ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी, उप स्वास्थ्य केंद्र बासीन का बुरा हाल

कोरबा 16 जून। कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए सरकार की ओर से संसाधन विकसित किए गए हैं और सेटअप को मंजूरी देने के साथ डॉक्टर से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ की पद स्थापना की गई है। इन सबके बावजूद स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। मनमानी हिसाब से कर्मचारी की उपस्थिति यहां पर दर्ज हो रही है। इसके कारण मरीजों को उपचार के मामले में काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
विकासखंड कोरबा के अंतर्गत आने वाले बासीन के उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति कुछ इसी तरह की है। लोगों को अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य को लेकर बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से स्वास्थ्य केंद्र शुरुआत की गई है। योजनाओं की जानकारी देने के लिए वॉल पेंटिंग से लेकर डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। इसके हिसाब से आरोग्य केंद्र खोलने का समय सुबह 10.30 निर्धारित किया गया है लेकिन क्षेत्र की जनता का कहना है कि कभी भी 11 बजे से पहले ना तो गेट खुलता है और ना ही कोई कर्मचारी पहुंचता है। काफी समय से इस प्रकार की मनमानी चल रही है। स्वास्थ्य कर्मी अपने हिसाब से उपस्थित होने पर विश्वास जता रहे हैं चाहे स्थानीय या आसपास के लोग परेशान क्यों ना होते रहे। स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में इन चीजों को लाने की कोशिश लोगों की ओर से की गई है। उनका कहना है कि जिन सेवाओं के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर से लेकर कर्मचारियों को सरकार निश्चित पद्धति के अंतर्गत वेतन का भुगतान कर रही है तो फिर उन्हें अपने राज्य का निर्माण करने के मामले में ईमानदारी क्यों नहीं दिखानी चाहिए
