अंग्रेजों ने हमारे दिमाग को बदला, यह साबित करने की कोशिश की कि हमारा अध्यात्म और परंपराए गलत है : श्री मोहन भागवत

नयी दिल्ली ( एजेंसी )। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि अंग्रेजों ने हमारे दिमाग को बदल कर यह साबित करने की कोशिश की कि हमारा अध्यात्म और परंपराएं गलत हैं और उनका विज्ञान सही है।
हम श्री भागवत ने शुक्रवार को यहां विश्वमांगल्या सभा की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, अपने आप को, अपनी परम्परों और अपने अध्यात्म को भूल गए हैं। उसे फिर से जानने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि तथागत के समय में हमारी परंपराएं फिर से स्थापित हुईं, लेकिन उसके बाद देश पर आक्रमणों का सिलसिला शुरू हुआ और आखिर में जो आए यानी अंग्रेजों ने तो हमारे दिमाग को ही बदल डाला। उन्होंने हमारे मन में ऐसा भ्रम पैदा किया कि हमारा अध्यात्म और परंपराएं भांग और गंजा तथा नशेड़ियों में घायल संगीत है और उनका विज्ञान सही है।
संघ प्रमुख ने कहा कि देश पर आक्रमण का सिलसिला शुरू होने की वजह से चीजें जो हमारी परंपरा का हिस्सा नहीं थीं और हमारे विचारों की दिशा में नहीं थीं, उन्हें स्वीकार करना पड़ा था। कुछ चीजें हमने अपनी सुरक्षा के लिए और कुछ विदेशी आक्रमण – कारियों के दबाव में स्वीकार की। उन्होंने कहा कि युगानुकूल मातृत्व विषय पर मुझे बोलने के लिए कहना यह अपने आप में एक विरोधाभास है।
