भूविस्थापितों की आवाज संसद में उठाई जाएगीः अमराराम

कोरबा 16 जून। कोरबा जिले के भू-विस्थापितों की मांगों को जायज ठहराते हुए माकपा के सांसद, अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष और पार्टी केे पोलिट ब्यूरो के सदस्य अमराराम ने उनकी आवाज को संसद में उठाने का आश्वासन दिया। महाराष्ट्र और राजस्थान के आदिवासियों और किसानों के आंदोलनों, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश और तीन किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ चले देशव्यापी आंदोलन के अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की व्यापक एकता और सडकों पर उनका जुझारू आंदोलन ही भाजपा सरकार को भू-विस्थापितों की मांगों को पूरा करने को बाध्य करेगा, अन्यथा तो उन्हें अडानी-अंबानी जैसे कॉरपोरेटों की सेवा करने से ही फुर्सत नहीं मिलती।
माकपा सांसद अमराराम ने यहां छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ द्वारा आयोजित एक आमसभा को संबोधित किया, जिसके बाद भूविस्थापितों ने रैली निकालकर जिलाधीश कार्यालय का घेराव किया तथा उनके नेतृत्व में जिलाधीश को मांग पत्र सौंपा। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा सरकार मां के नाम पर एक पेड़ लगाने का नाटक कर रही है, लेकिन दूसरी ओर बस्तर, सरगुजा और हसदेव के जंगलों को कॉरपोरेटों को सौंप रही है। यह सरकार गरीबों से उनकी भूमि और आजीविका छीन रही है और भूमि अधिग्रहण के बदले प्रभावितों को रोजगार और मानवीय पुनर्वास तक देने को तैयार नहीं है। मुआवजा देने के नाम पर भी भारी भेदभाव किया जा रहा है। पिछले 40 साल से भूविस्थापित अपने रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस पीड़ा को संसद में उठाया जाएगा और मोदी सरकार और कोल इंडिया की जवाबदेही तय की जाएगी।
सभा को किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अवधेश कुमार तथा आदिवासी एकता महासभा के बाल सिंह तथा किसान सभा नेता प्रशांत झा ने भी संबोधित किया। सभा के बाद रैली निकली और जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में छोटे खातेदारों को रोजगार देने, भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण, पूर्व में अधिग्रहित जमीन की वापसी, पट्टा, आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने, पेयजल की व्यवस्था करने, बसावट एवं खनन प्रभावित गांवों की अन्य समस्याओं का जि़क्र किया गया है। रैली और घेराव में हसदेव, सरगुजा संभाग, रायगढ़, बांगो बांध से प्रभावित किसान भी शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कपिल देव, दीपक साहू, दामोदर श्याम, रेशम यादव, कौशल्या, फिरतू बिंझवार, दिलहरण सारथी, रामलाल करियारे, बलराम यादव, शिवरतन कंवर, सोनम साहू, रमेश दास, मनोज विश्वकर्मा, घासी के साथ बड़ी संख्या में प्रभावित क्षेत्र के भू विस्थापित उपस्थित थे
