डॉनल्ड ट्रंप 9 साल बाद 13 से 15 मई तक चीन की यात्रा पर

वाशिंगटन. अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन की यात्रा पर रहेंगे। ट्रंप 9 साल बाद चीन जाएंगे। आखिरी बार वह 2017 में चीन गए थे। ईरान युद्ध, व्यापार, रूस और वैश्विक सुरक्षा को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप का दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। ट्रंप और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच व्यापार विवाद और रेयर अर्थ मिनरल सप्लाई चेन पर भी बात हो सकती है:
चीन के प्रभाव से चिंतित है अमरीका
अमरीका इस यात्रा का इस्तेमाल चीन से संवाद सुधारने और अमरीकी हितों से जुड़े कई रणनीतिक मुद्दों पर चीन पर दबाव बनाने के लिए करना चाहता है। अमरीका, चीन की आर्थिक नीतियों, तकनीकी रणनीति और वैश्विक सप्लाई चेन में उसके बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंतित है। वहीं, ट्रंप प्रशासन ईरान संकट और पश्चिम एशिया में स्थिरता को लेकर भी चीन का सहयोग चाहता है।
ईरान युद्ध रह सकता है सबसे बड़ा मुद्दा
ईरान इस शिखर वार्ता का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। अमरीका चाहता है कि चीन ईरान पर तेल निर्यात और सैन्य उपयोग वाली वस्तुओं की खरीद को लेकर दबाव डाले। अमरीका चाहेगा कि चीन ईरान की मदद बंद करे और बातचीत की मेज पर लौटे। ट्रंप ईरान से अपनी शर्तें मनवाने के लिए चीन की मदद चाहते हैं।
रूस, ताइवान और सुरक्षा मुद्दे भी एजेंडे में
ट्रंप और शी चीन-रूस संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा कर सकते हैं। अमरीका यूक्रेन युद्ध में रूस को मिल रहे चीन के रणनीतिक समर्थन को लेकर चिंतित है। ताइवान भी दोनों देशों के बीच बड़ा विवादित मुद्दा बना रहेगा, खासकर हिंद-प्रसांत क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण। रक्षा सहयोग पर भी बातचीत होगी।
रेयर अर्थ मिनरल्स प होगा ज्यादा फोकस
रेयर अर्थ मिनरल्स भी इस यात्र का अहम हिस्सा बन सकते हैं। स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, सैन उपकरण और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण में इन खनिजों की अहम भूमिका होती है। चीन वर्तमान में वैश्विक रेया अर्थ सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है।
