छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस दुर्घटना का शिकार होने से बची

कोरबा 10 अक्टूबर। कोरबा-चांपा रेल मार्ग पर एक बड़ी रेल दुर्घटना उस समय टल गई जब छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के नीचे अचानक एक भारी लोहे का एंगल फंस गया। यह घटना मड़वारानी स्टेशन के पास उस समय हुई जब ट्रेन तेज रफ्तार से गुजर रही थी। अचानक जोरदार आवाज और झटके महसूस करते ही यात्री घबरा गए, लेकिन समय रहते लोको पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।

रेलवे अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पटरियों पर एक बड़ा और भारी लोहे का एंगल पड़ा था, जो ट्रेन के दोनों पहियों के बीच फंस गया। यदि ट्रेन कुछ और दूरी तक आगे बढ़ती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। यात्रियों और ट्रेन स्टाफ की सतर्कता से एक बड़ी जनहानि टल गई। घटना वाले ट्रैक के पास ही एक फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य में उपयोग हो रहा यह लोहे का एंगल लापरवाही के चलते ट्रैक पर गिर गया होगा। इस गंभीर चूक ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों में बरती जा रही सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ट्रैक की गहन जांच की गई। कोरबा रेलवे के एआरएमउत्कर्ष गौरव ने बताया, ट्रैक पर कुछ समस्या आई थी, जिसे तुरंत ठीक कर लिया गया है। किसी भी यात्री को कोई परेशानी नहीं हुई और ट्रेन को सुरक्षित रवाना कर दिया गया है। इस घटना में लोको पायलट की समय पर की गई कार्रवाई ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। ट्रेन को बिना किसी क्षति के सुरक्षित रोक लिया गया और यात्रियों को भी किसी तरह की चोट या असुविधा नहीं हुई। हालांकि, यह घटना एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों में हो रही लापरवाही को उजागर करती है। यदि समय रहते इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाया जाता, तो यह घटना जानलेवा हो सकती थी। रेलवे द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह देखा जा रहा है कि आखिर यह एंगल ट्रैक पर कैसे गिरा और कौन इसके लिए जिम्मेदार है।

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