प्रशासनिक जीवन संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों से भरा रहाः भुवाल सिंह सिदार

31 वर्षों की सफल शासकीय सेवा पूर्ण करने के बाद पहली बार गृह ग्राम पहुंचे श्री सिदार का हुआ भव्य स्वागत
कोरबा 03 जून। जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत स्थित छोटे से ग्राम सरपता में उस समय उत्सव जैसा माहौल बन गया जब बिंझिया समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बस्तर संभाग के सेवानिवृत्त उपायुक्त (विकास) भुवाल सिंह सिदार अपने 31 वर्षों की सफल शासकीय सेवा पूर्ण करने के बाद पहली बार गृह ग्राम पहुंचे। उनके सम्मान में आयोजित समारोह में हजारों की संख्या में ग्रामीण, समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा एवं बच्चे शामिल हुए।
गांव में प्रवेश करते ही ढोल, मांदर और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने पारंपरिक सैला नृत्य प्रस्तुत करते हुए लगभग एक किलोमीटर तक नाचते-गाते हुए भव्य शोभायात्रा निकाली और उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लेकर पहुंचे। पूरे मार्ग में पुष्पवर्षा, जयघोष और माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया गया। अपने संबोधन में भुवाल सिंह सिदार ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो किसी भी व्यक्ति को जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। उन्होंने बताया कि बचपन में आर्थिक परिस्थितियां बेहद कठिन थीं। पढ़ाई के लिए उन्हें गांव से कई किलोमीटर दूर पसान और पोड़ी-उपरोड़ा तक पैदल जाना पड़ता था। कठिन परिस्थितियों और अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार संघर्ष करते हुए शासन-प्रशासन के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे।उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाना चाहिए। जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं है। भुवाल सिंह सिदार ने अपने शासकीय जीवन की चर्चा करते हुए बताया कि उन्होंने 31 वर्षों तक विभिन्न जिलों और विभागों में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य किया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से उन्हें जनता की सेवा करने का अवसर मिला, जिसे वे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।
भुवाल सिंह सिदार का प्रेरणादायी सेवा सफर
भुवाल सिंह सिदार का प्रशासनिक जीवन संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों से भरा रहा है। जनवरी 1987 से जून 1989 तक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी।जुलाई 1989 से फरवरी 1992 तक मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में सेवा।फरवरी 1992 से जुलाई 1993 तक खरगोन जिले में भूगोल व्याख्याता।वर्ष 1993 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में चयन।कसडोल, सरायपाली, नवागढ़, साजा, अभनपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीईओ एवं एपीओ के रूप में सेवाएं।वर्ष 2008 में डिप्टी कमिश्नर पद पर पदोन्नति।रायपुर, अंबिकापुर, बेमेतरा सहित कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां।मुंगेली और बलरामपुर में परियोजना अधिकारी के रूप में कार्य।वर्ष 2018 में संयुक्त आयुक्त (जॉइंट कमिश्नर) पद पर पदोन्नति। 6 मार्च 2019 से 31 मई 2026 तक बस्तर संभाग में उपायुक्त (विकास) के पद पर सेवाएं। सम्मान समारोह में कोरबा के अलावा एमसीबी, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों से बड़ी संख्या में समाज प्रमुख एवं जनप्रतिनिधि पहुंचे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव हरदेव सिदार, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष देवनारायण पटवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष विमल सिदार, लाल बहादुर सिदार, राष्ट्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष विजय सिदार, जिला पंचायत सदस्य नयन सिदार, जनपद अध्यक्ष फलेश्वर सिदार, सांसद प्रतिनिधि अशोक मिश्रा, कांग्रेस नेता इमलेश कुमार, सरपंच चंद्रकला उइके सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में जनपद सदस्य एवं जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के सभापति भारत सिंह सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था का नेतृत्व किया तथा दूर-दराज से पहुंचे समाजजनों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त कियाद्यसमारोह के दौरान बिंझिया समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। कक्षा दसवीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लगभग दो दर्जन विद्यार्थियों को भुवाल सिंह सिदार एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा पेन, कॉपी एवं अध्ययन सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अतिथियों ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढने, उच्च शिक्षा प्राप्त करने और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और डांस कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद उठाया।
कार्यक्रम का संचालन सूरजपुर जिले के प्रेमनगर से आए बृजेश सिदार ने बेहद प्रभावशाली और सरल शैली में किया। उनके संचालन की उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों ने खूब सराहना की तथा पुष्पगुच्छ एवं मालाओं से उनका सम्मान किया।भव्य सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह केवल एक सम्मान कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा, संघर्ष, परिश्रम और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बन गया। भुवाल सिंह सिदार का जीवन संघर्ष से सफलता तक की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढियों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढने और समाज सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
