एकल विद्यालय योजना के अंतर्गत आचार्यों के अभ्यास वर्ग का हुआ शुभारंभ

कोरबा 03 जून। विद्या भारती की एकल विद्यालय योजना के अंतर्गत संचालित हो रही इकाइयों के आचार्य का विशेष प्रशिक्षण वर्ग आज से प्रारंभ हो गया सरस्वती विद्यालय कलेक्ट्रेट रोड मैं महापौर संजू देवी राजपूत, विद्या भारती के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर और नमामि हरदेव समिति के संरक्षक श्रेष्ठ सिंह ठाकुर ने इसका उद्घाटन किया।
भारत माता की तस्वीर की पूजा अर्चना और माल्यार्पण के साथ प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ करने के साथ इसकी सफलता की कामना की गई महापौर संजू देवी ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा क्षेत्र में विद्या भारती का अपना विशिष्ट योगदान रहा है 1952 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रथम सरस्वती विद्यालय की स्थापना की गई और फिर उसने कालांतर में अखिल भारतीय स्तर पर अपने कार्यों से अलग पहचान बनाई। विद्या भारती के जुड़ावन सिंह ठाकुर ने एकल विद्यालय की अवधारणा को स्पष्ट करने के साथ इसकी भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में संचालित किया जा रहे हैं जिनके माध्यम से शिक्षा की सेवा देने का काम किया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथि श्रेष्ठ सिंह ठाकुर ने एकल विद्यालय की परंपरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा पिछले के दशक से चलाई गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा दीक्षा देने का कार्य संभव हुआ है।जहां तक सरकारी कोशिश नहीं हो पाती वहां एकल विद्यालय ज्ञान का प्रकाश फैलाने का काम कर रहे हैं। शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं है इसलिए आपका यह प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय है एक अच्छे उद्देश्य के साथ इस कार्य को किया जा रहा है इसलिए बहुत सारे बच्चे लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में सरस्वती शिक्षा समिति के पदाधिकारी नानजी भाई पटेल, जोगेश लांबा सहित विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार देवांगन प्रधानाचार्य और अन्य अतिथियों का स्वागत किया बताया गया कि अभ्यास वर्ग के अंतर्गत एकल विद्यालयों के आचार्यों को अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
