नवरात्र पर प्रतिमा निर्माण व विसर्जन के लिए गाइड लाइन जरूरी

कोरबा 06 सितंबर। आधुनिकता के नाम पर गणेशोत्सव पर्व के दौरान गजानन की क्यूट और अमानक स्वरूप वाली प्रतिमाएं तैयार करने के साथ-साथ विसर्जन के समय बेमतलब के गाने बजाने पर कई जगह विरोध हुआ, इस पर सवाल भी खड़े हुए। सनातन संघर्ष समिति का कहना है कि आगामी दुर्गा पूजा उत्सव में देवी की प्रतिमा बनाते समय मान्यताओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
सनातन संघर्ष समिति ने गणेशोत्सव के दौरान बनी आलोचनात्मक स्थिति पर चिंता जताई। इसके लिए शिल्पकार के साथ-साथ आयोजक भी जिम्मेदार हैं। इसलिए अब दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है। सनातन संघर्ष समिति के जिला संयोजक अजय कुमार दुबे एवं सह संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक तिवारी ने इस संबंध में कहा कि हमारे देवी देवताओं का जो मूल स्वरूप हमारी संस्कृति में मान्य है ,उसी अनुरूप मूर्ति का निर्माण हो। मूर्ति कारों एवं समिति के सदस्यों को इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज कल ए आई का इस्तेमाल कर मूर्ति के मूल स्वरूप को ही बदल दिया जा रहा है जो कि ठीक नहीं है। इस ओर राजधानी रायपुर में भी हमारे समविचारी संगठन के लोगों ने इस विषय से प्रशासन को अवगत कराया है। समाज के समस्त बंधुओं से विनम्र आग्रह है, कि वो स्वयं इस विषय में जागरुक हों एवं लोगों को जागरूक करें।
