परिवार के मृत सदस्य के नाम से भी खाद्यान्न उठाने के आरोप में हटाए गए लगभग 7 हजार से अधिक हितग्राहियों के नाम

कोरबा 06 सितंबर। खाद्य विभाग द्वारा हाल ही में बीपीएल कार्ड में दर्ज लगभग 7 हजार से अधिक हितग्राहियों के नाम को निष्क्रिय सूची में रखकर हटा दिया है। विभाग का दावा है कि ये उन हितग्राहियों के नाम हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर कोरबा के साथ दूसरे प्रदेश में भी राशन कार्ड बनवाकर योजना का लाभ उठा रहे हैं। जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार जिले में तीन लाख 17 हजार 738 हितग्राही परिवार हैं। इसमें इन कार्डों में 10 लाख 61 हजार 814 नाम दर्ज है। शासन की ओर से इन सदस्यों को हर माह पीडीएस दुकानों से सस्ता राशन उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन कुछ ऐसे भी परिवार हैं, जो सदस्यों की मृत्यु हो जाने के बाद भी विभाग को सूचना नहीं दे रहे हैं। इस पर विभाग ने नकेल कसना शुरू किया है।
विभाग के 7 बिंदुओं पर जांच अभियान शुरू की है। इसके तहत बीपीएल कार्डधारी परिवार के उन सदस्यों की पहचान की जा रही है, जहां परिवार में मृतक सदस्य के नाम से भी राशन उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा दूसरे प्रदेश में जाकर सस्ता राशन का लाभ रहे हैं, छह या फिर 12 माह से राशन लेने के लिए पीडीएस दुकान तक नहीं पहुंचे। अभी तक विभाग ने ऐसे लगभग साढ़े सात हजार से अधिक नामों की सूची तैयार की है। इसका सत्यापन के साथ ही बीपीएल सूची से नामों को हटाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।
’ कई अन्य बिंदुओं में होगी जांच
बताया जा रहा है कि जिले में कई ऐसे परिवार हैं, जो गरीबी रेखा के नीचे वर्ग से ऊपर उठे चुके है या फिर उनकी आय शासन के मापदंड के अनुसार निर्धारित आय से अधिक है। इसके अलावा बीपीएल कार्डधारक के नाम पर कंपनी या संस्था, आयकरदाता सहित अलग-अलग वर्ग में कई बिंदुओं पर भी जांच होनी है। इसके अंतर्गत बड़े किसान भी आएंगे। बताया जा रहा है कि जिन किसानों की भूमि लगभग दो हेक्टेयर से अधिक है, उनका भी नाम इस सूची शामिल करने की तैयारी की जा रही हैं। इसके लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की ओर से यह सूची शासन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद पर शासन द्वारा निर्णय लेने की बात कही जा रही है।
