कर्ज के बोझ से परेशान फोटोग्राफर ने ट्रेन के सामने कूदकर की खुदकुशी

कोरबा-गेवरारोड रेलखंड पर हुई घटना
कोरबा 10 जून। यह सही है कि जिंदगी दोबारा नहीं मिल सकती। यह जानते हुए बहुत सारे लोगों के लिए जिंदगी के मायने अलग-अलग है। किसी को जिंदगी से प्यार है तो किसी का आकर्षण छूट रहा है। कोरबा के एक फोटोग्राफर ने ट्रेन के सामने कूदकर खुद को समाप्त कर लिया। वह कर्ज के बोझ से परेशान था।
कुसमुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सर्वमंगला पुलिस चौकी इलाके में यह घटना पिछली रात लगभग 11 बजे हुई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कोरबा-गेवरारोड रेल जंक्शन पर मनोज कुमार ने आती हुई ट्रेन का इंतजार किया और एकाएक बेहद करीब आने पर सामने कूद गया। होना वही था, जो तय था। इस घटना में ट्रेन की चपेट में आने से मनोज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। मानिकपुर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत दादरखुर्द में निवासरत मनोज कुुमार को लेकर बताया गया कि फोटोग्राफी का उनका प्रोफेशन था और सर्वमंगला मंदिर क्षेत्र में वे इस काम को किया करते थे। इससे सामान्य आमदनी होती थी आौर परिवार का भरण-पोषण हो पाना मुश्किल था। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों से मनोज ने आर्थिक जरूरतों को लेकर कर्ज लिया था लेकिन उससे उबर नहीं पा रहा था। इस वजह से वह चिंतित था। कई विकल्पों पर काम करने के बावजूद कोई हल नहीं निकल सका। ऐसे में उसके मन में खतरनाक विचार आया और उसने अपने आपको समाप्त कर लिया।
सूत्रों से मिली जानकारी में कहा गया कि अपने घर से कोरबा पहुंचा। उसने पुराने बस स्टैंड में अपने एक मित्र के पास मोबाइल व अन्य सामान रख दिए और वहां से चला गया। मित्र को इसके पीछे का प्रयोजन समझ नहीं आया कि आखिर ऐसा क्यों। कुछ देर बाद उसे घटना की जानकारी हुई। रेलवे ट्रैक पर मनोज के कटने और मृत होने की खबर मिलने पर सर्वमंगला पुलिस की टीम तत्काल वहां पहुंची। मर्ग पंचनामा के साथ जरूरी कार्यवाही की गई।
अवसाद और असफलता से ऐसी घटनाएंः-मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि आत्यहत्या की घटनाओं के पीछे चिंता, अवसाद और असफलता सबसे बड़े कारक और कारण माने गए हैं। अनेक मामलों में इसी तरह के खुलासे हुए हैं। किसी भी विषय को लेकर जब कोई चिंता करता है तो एक स्थिति के बाद अवसाद की तस्वीर बनती है। लगातार कोशिश के बाद भी असफलता के चक्कर में लोग अप्रिय कदम उठा लेते हैं। म्यूजिक के क्षेत्र में काम कर रहे सत्या जायसवाल ने बताया कि 1985 में जिंदगी एक जंग के गीत ने आत्महत्या की घटनाओं में कमी लाई थी। इस गीत के कंटेंट ने लोगों को काफी प्रभावित किया था।
