लापता हुआ CSEB कर्मी गोपाल दास वापस आया, पुलिस कर रही तफ्तीश

कोरबा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (DSPM) में कार्यरत CSEB कर्मी गोपालदास की रहस्यमयी वापसी ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। आत्महत्या की धमकी भरा पत्र छोड़कर लापता हुए गोपालदास के लौटने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
लापता होने से पहले छोड़ा था सुसाइड नोट
गोपालदास ने लापता होने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उसने अपनी दो महिला सहकर्मियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पत्र में लिखा था, “मैं अपने काम को लेकर आत्महत्या करूंगा और इसका पूरा जिम्मेदार शिफ्ट वाली मैडम और जनरल वाली मैडम हैं।” इस पत्र के सामने आते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पुलिस ने गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस ने शुरू की तलाश
गोपालदास की पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने खोजबीन तेज कर दी। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि शहरभर में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। पुलिस ने शहर के आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन गोपालदास का कोई सुराग नहीं मिला।
अचानक घर लौटा गोपालदास, पुलिस ने हिरासत में लिया
दो दिन की गुमशुदगी के बाद अचानक गोपालदास घर लौट आया। उसकी वापसी ने परिजनों को राहत दी, लेकिन उसके आरोप और लापता होने की वजह ने पुलिस को संदेह में डाल दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
क्या है सच्चाई? पुलिस कर रही है गहराई से जांच
सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि यह मामला जितना सीधा लग रहा था, उतना है नहीं। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। अगर आरोप सही पाए गए, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। लेकिन अगर यह पूरी कहानी झूठी साबित होती है, तो गोपालदास के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।