अनाज उत्पादकों को राहत देने 8 नए धान खरीदी केंद्र बनाए जिले में

पिछले वर्ष यह संख्या थी 65, अब कुल केंद्र हुए 73
कोरबा। खरीफ सीजन वर्ष 2026 27 के अंतर्गत धान की खरीदी का काम नवंबर महीने में शुरू होगा। कोरबा जिला के पांच विकासखंड के अंतर्गत पंजीकृत किसान 73 उपार्जन केंद्र में अपनी फसल की बिक्री कर सकेंगे। नई संख्या में पिछले साल के मुकाबले 8 इकाइयों का विस्तार हुआ है।
जिला सहकारी बैंक के नोडल ऑफिसर सुशील जोशी ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में दूरी और अन्य भौगोलिक कारण से इस वर्ष धान की खरीदी करने वाले केदो की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 73 ऐसे स्थान जिले में तय किए गए हैं जहां पर अब अनाज उत्पादक अपनी धान की फसल को बेच सकेंगे। बीते वर्षों में संख्यात्मक रूप से बढ़ोतरी होती रही और पिछले वर्ष तक किया आंकड़ा 65 था। बताया गया कि किसानों की सुविधा और जनप्रतिनिधियों की मांग प्रशासन के पास पहुंची थी। हर स्तर पर इसका परीक्षण करने के साथ महसूस किया गया कि कुछ स्थानों पर उपार्जन केदो की शुरुआत करना जरूरी है और आखिरकार यह निर्णय लिया गया। सत्र 2026-27 से संबंधित क्षेत्र के किसानों को अब अपने नजदीकी केंद्र में ध्यान बेचने की सुविधा प्राप्त होगी। ऐसे में उनका समय भी बचेगा और ईंधन से संबंधित दूसरे खर्च भी। नोडल ऑफिसर सुशील जोशी ने बताया कि धान खरीदी को लेकर प्रशासन की ओर से आवश्यक दिशा निर्देश देने के संबंध में प्राथमिक तैयारी कराई जा रही है।
तीन विधानसभा क्षेत्र में ऐसे बढ़ी संख्या
बताया गया कि विधानसभावार उपार्जन केंद्रों की नई व्यवस्था की गई है। उक्तानुसार कटघोरा क्षेत्र में मुढ़ाली (अखरापाली), चोढ़ा (उतरदा), ढोलपुर, पाली-तानाखार क्षेत्र में ढोढक़ी, परसदा, नवापारा सिल्ली और परला नए केंद्र बनाए गए हैं। रामपुर विधानसभा क्षेत्र में पुरैना का नाम शामिल है। इन केंद्रों को लेकर प्रस्ताव प्राप्त हुए थे और इस आधार पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई।
