कट परमिट सहित शर्तों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाईः परिवहन विभाग, 10 गाडियों पर लगाई थी पेनाल्टी

कोरबा, 29 सितंबर। औद्योगिक जिले में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों को चलने वाली यात्री बसों के मामले में पिछले दिनों औपचारिक जांच में चौकाने वाले खुलासे के साथ अब परिवहन विभाग सख्ती के साथ कार्रवाई करने की मानसिकता में है। खबर है कि वह व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के साथ हालात को बेहतर करना चाहता है। इससे व्यवस्था भी सुधरेगी और गड़बड़झाला ठीक होगा।

सूत्रों ने बताया कि विभाग का अगला अभियान कट परमिट के साथ ही उन मामलों को लेकर कार्रवाई करने के लिए शुरू होगा, जिनमें सरेआम परमिट शर्तों का उल्लंघन करने के साथ मालवाहक से लेकर यात्री बसों का संचालन हो रहा है। अलग-अलग स्त्रोतों से इस प्रकार का इनपुट अधिकारियों के पास पहुंचा है जिनमें भिन्न-भिन्न जानकारी दी गई है। खबर के अनुसार ऐसी ही एक सूचना पर पांच दिन पहले जिले के डीटीओ अतुल असैया और उनकी टीम ने सीएसईबी चौराहे के पास ऑपरेशन लांच किया और 10 गाडियों को पकडने के साथ 22 हजार की पेनाल्टी ठोकी। विभाग की टीम ने जब यात्री बसों के दस्तावेज चेक किए तो वह यह जानकर हैरान रह गए कि कई स्तर पर इसमें घोर गड़बडियां हैं। किसी के परमिट कोलैप्स हो चुके हैं तो किसी में फिटनेस की समस्या है। अन्य स्तर पर सुरक्षा मानक से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई। अधिकारी इसलिए चौके कि आखिर यह सब सामने होने पर भी इस तरह की यात्री बसें आखिर किस तरीके से सडक पर दौड़ रही है और वह भी लंबे समय से। इनमें कोरबा से बिहार के अलावा दूसरे रूट पर चलने वाली गाडियां निशाने पर आई। जानकारी मिली है कि यही हाल इंटर स्टेट रूट पर चलने वाली कई और यात्री बसों का है। लोचा यह है कि कुछ मामलों की जानकारी बहुत पहले से ही परिवहन विभाग को है लेकिन राजनैतिक संरक्षण के चक्कर में हाथ बंधे हुए हैं। फेस्टिवल सीजन में ऐसी ही लंबी दूरी की यात्री बसों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ जुड़ी सहूलियत की अवधारणा तार-तार हो जाती है और ऑपरेटर मनमानी वसूली में शामिल हो जाते हैं। जानकारी के अनुसार अब उपर से मिले निर्देश के बाद इस पर सख्ती बरतने की योजना है और जल्द ही इसके परिणाम सामने आएंगे।

केंद्र सरकार ने कोरबा क्षेत्र के लोगों को जिले के भीतर किफायती और सहज आवागमन सुविधा देना तय किया है। पिछले वर्ष स्थानीय प्रस्ताव को मंजूर करते हुए 40 इलेक्ट्रिक बसें दी गई। नगर पालिक निगम और प्रशासन एक सोसाइटी के जरिए इस योजना को आगे बढ़ा रहा है। जमनीपाली में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए टर्मिनल और सबस्टेशन का काम अंतिम चरण पर है। नोडल ऑफिसर ने बताया कि पृथक से सबस्टेशन और इसके लिए विद्युत लाइन डाली जा चुकी है। निगम ने कुछ जगह चार्जिंग स्टेशन तैयार किए हैं जबकि कुछ और बनाए जाने हैं।

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