प्लास्टिक से दूरी बनाने के साथ पर्यावरण की रक्षा करने शुरू किया बर्तन बैंक

माधव संस्कार समिति और श्याम मिलन के सामाजिक सरोकार

कोरबा 18 सितंबर। पर्यावरण संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग को कम करने की दिशा में माधव संस्कार समिति ने एक अभिनव पहल की है। समिति ने बर्तन बैंक की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों में प्लास्टिक और डिस्पोजेबल सामग्री के स्थान पर स्टील के बर्तनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। बर्तन बैंक का संचालन पटेलपारा स्थित दादी धाम मंदिर परिसर से श्याम मिलन केंद्र करेगा।

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता अजय पांडेय के परिसर में बर्तन बैंक का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में विद्या भारती के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता किशोर बुटोलिया और कैलाश नाहक ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर केंद्र का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों में खान-पान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक, डिस्पोजेबल प्लेट, गिलास और अन्य सामग्री का बड़े पैमाने पर उपयोग पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। प्लास्टिक कचरे के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता जरूरी है। इसी उद्देश्य से माधव संस्कार समिति ने बर्तन बैंक की शुरुआत कर लोगों को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया है।

जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। प्लास्टिक के अधिकतम उपयोग से बचनेऔर दैनिक जीवन में इसके विकल्प अपनाने की आवश्यकता है। बर्तन बैंक की शुरुआत इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है, जिससे लोगों को अपने सामाजिक आयोजनों में प्लास्टिक के बजाय स्टील के बर्तनों का उपयोग करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

किशोर बुटोलिया ने सुझाव दिया कि बर्तन बैंक की सुविधा का लाभ लेने वाले लोगों को इससे जोडकर सदस्य बनाया जाए, ताकि इस पहल को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके और अधिक से अधिक लोग पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान का हिस्सा बनें। बर्तन बैंक के व्यवस्थापक शत्रुघ्न वर्मा ने बताया कि खान-पान से जुड़े आयोजनों में डिस्पोजेबल और प्लास्टिक सामग्री का उपयोग बड़ी मात्रा में होता है, जो उपयोग के बाद कचरे के रूप में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए स्टील के बर्तनों का उपयोग बढ़ाने के उद्देश्य से बर्तन बैंक शुरू किया गया है। इससे विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों में लोगों को आवश्यक बर्तन उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि दादी धाम मंदिर के माध्यम से बर्तन बैंक का संचालन किया जाएगा। सुबह दो घंटे और शाम को तीन घंटे लोगों को इसकी सुविधा उपलब्ध होगी। बर्तन प्राप्त करने वाले लोगों को उपयोग के बाद उन्हें साफ-सुथरी स्थिति में वापस करना होगा, ताकि अन्य लोग भी इस सुविधा का लाभ ले सकें। कार्यक्रम में चंद्रकिशोर श्रीवास्तव, अशोक तिवारी, अशोक पाल, पार्षद युगल किशोर केवट, योगेश मिश्रा, रामसेवक साहू, मनीष मिश्रा ,योगेश जैन , नंदन मुखर्जी , रविशंकर शुक्ला, सहित विभिन्न समाज के लिए सक्रिय भूमिका निभाने वाले अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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