प्रयास आवासीय विद्यालय के 13 वर्षीय छात्र को तंत्र क्रिया के आरोप में TC देने का मामला, बाल आयोग ने लिया संज्ञान

रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं के 13 वर्षीय छात्र को कथित तंत्र क्रिया से जोड़कर टीसी देने का मामला सामने आया है। हालांकि, छात्र पर लगाए गए तंत्र क्रिया से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर बिना पूरी जानकारी दिए बच्चे को स्कूल से बाहर करने का आरोप लगाया है। मामला अब छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग तक पहुंच गया है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए छात्र की टीसी रद्द कर उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रयास विद्यालय के प्राचार्य और अधीक्षक को 21 सितंबर 2026 को आयोग की आपातकालीन खंडपीठ के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
दाखिले के 14 दिन बाद दी गई टीसी
परिजनों के मुताबिक, छात्र का 3 सितंबर 2026 को प्रयास आवासीय विद्यालय में दाखिला हुआ था। करीब दो सप्ताह बाद उसे हॉस्टल से बाहर कर टीसी दे दी गई।
परिवार का आरोप है कि बच्चे पर तंत्र क्रिया से जुड़े आरोप लगाए गए और इसी आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। परिजनों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री शिकायत सेल में भी शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्कूल प्रबंधन ने बताई अलग वजह
मामले में स्कूल प्रबंधन ने छात्र पर तंत्र क्रिया करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत किए जाने की बात सामने नहीं आई है। वहीं, हॉस्टल अधीक्षक आशीष पांडेय ने बताया कि छात्र के व्यवहार को लेकर उसकी काउंसलिंग कराई गई थी।
अधीक्षक के अनुसार, छात्र अक्सर अंधेरे में बैठता था और कमरे में आकृतियां बनाता था। इससे हॉस्टल में रहने वाले कुछ अन्य बच्चे डर गए थे। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में छात्र के परिजनों को बुलाकर जानकारी दी गई थी।
प्रबंधन ने यह भी दावा किया कि छात्र को टीसी देने के लिए दबाव नहीं बनाया गया था और परिजनों की ओर से स्वयं टीसी देने के लिए लिखित आवेदन दिया गया था।
बाल आयोग ने लिया मामले का संज्ञान
अभिभावक के आवेदन और सामने आए तथ्यों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) और धारा 14 के तहत कार्रवाई की है।
आयोग ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, रायपुर को पूरे मामले की जांच कर लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग अध्यक्ष ने अधिकारी से फोन पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
छात्र की पढ़ाई प्रभावित नहीं करने के निर्देश
आयोग ने छात्र की टीसी रद्द करने और उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि मामले की अंतिम जांच और निर्णय तक छात्र की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
अब जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि छात्र के खिलाफ लगाए गए आरोपों का आधार क्या था, टीसी देने की प्रक्रिया किस तरह अपनाई गई और छात्र के अभिभावकों को कार्रवाई की जानकारी कब और किस माध्यम से दी गई।
21 सितंबर को प्राचार्य और अधीक्षक होंगे पेश
मामले में प्रयास विद्यालय के प्राचार्य और अधीक्षक को 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे आयोग के कार्यालय में आपातकालीन खंडपीठ के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
दोनों अधिकारियों को मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज साथ लाने और अपना पक्ष रखने को कहा गया है। फिलहाल आयोग की कार्रवाई में छात्र की पढ़ाई जारी रखने को प्राथमिकता दी गई है।
