मातिन में हथनी ने दिया नवजात शावक को जन्म, वन विभाग जुटा निगरानी में

कोरबा 31 अगस्त। कटघोरा वनमंडल में हाथियों के झुंड में एक नन्हा मेहमान आने के साथ ही यहां हाथियों की संख्या बढकर 52 हो गई है। बीती रात झुंड में शामिल एक गर्भवती हथनी ने बच्चे को नदी किनारे जन्म दिया। इसकी जानकारी लगते ही वन अमला सतर्क हो गया है और हथनी व उसके नवजात शावक की निगरानी में जुट गया है। ग्रामीणों को हाथी के पास न जाने की सलाह दी जा रही है। उनसे कहा जा रहा है कि बच्चे देने के दौरान हथनी अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर काफी संवेदनशील रहती है। ऐसे में उनके पास जाना व किसी भी प्रकार की छेडखानी खतरा हो सकता है। अतः दूरी बनाए रखें।
जानकारी के अनुसार कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज के पचरा सर्किल में इन दिनों 19 हाथियों का दल विचरण कर रहा है इनमें एक गर्भवती हथनी भी शामिल थी। बताया जाता है कि बीती रात इस हथनी ने क्षेत्र में ग्राम मातिन स्थित टेटी नदी के किनारे अपने बच्चे को जन्म दिया। इसकी जानकारी लगते ही वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे और हथनी व उसके नवजात शावक की निगरानी में जुट गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बच्चे देने वाली हथनी व उसका शावक पूरी तरह स्वस्थ है। विभाग द्वारा आगामी कुछ दिनों तक निगरानी की जाती रहेगी तथा शावक के ठीक से चलने लायक हो जाने के बाद उन्हें जंगल में विचरण करने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया जाएगा। बीती रात हथनी द्वारा शावक को जन्म दिए जाने के बाद कटघोरा वनमंडल में हाथियों की संख्या 52 हो गई है। इससे पहले 51 की संख्या में हाथी एतमानगर, केंदई व पसान रेंज में अलग-अलग स्थानों पर झुंड के साथ घूम रहे थे। पसान क्षेत्र में मौजूद 14 हाथियों के दल में शामिल दंतैल ने बीती रात कोटमर्रा गांव में उत्पात मचाते हुए एक ग्रामीण के घर को ढहा दिया।
बताया जाता है कि दंतैल झुंड से अलग हुआ और गांव की बस्ती में उत्पात मचाते हुए एक ग्रामीण के घर को निशाना बनाया।इधर कोरबा वनमंडल के कुदमुरा रेंज अंतर्गत लबेद गांव में भी एक दंतैल हाथी का आतंक जारी है। धरमजयगढ़ क्षेत्र से पहुंचे हाथी ने क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। यह हाथी दिन भर जंगल में विश्राम करता है और शाम होने के बाद वहां से निकलकर ग्रामीणों के खेतों में पहुंच वहां लगे धान की फसल को रौंदकर मटियामेट कर देता है। यह सिलसिला विगत एक सप्ताह से जारी है। दंतैल द्वारा क्षेत्र में उत्पात मचाए जाने से ग्रामीण काफी परेशान हैं। उन्होंने वन विभाग तथा प्रशासन से फसल तथा जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। जहां कुदमुरा रेंज में दंतैल हाथी का आतंक जारी है वहीं कोरबा वनमंडल के ही करतला रेंज में भी 15 हाथियों की दहशत से ग्रामीण परेशान हैं। हाथियों का यह दल पहाडगांव क्षेत्र में एक पखवाड़े से भी अधिक विचरण कर रहा है। हाथियों का दल अधिकांश समय क्षेत्र में स्थित पहाड़ पर ही रहता है लेकिन बीच-बीच में नीचे उतरकर ग्रामीणों के खेतों में पहुंचकर वहां लगे धान की फसल को रौंद दे रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। बड़ी संख्या में हाथियों के क्षेत्र में मौजूदगी को लेकर वन विभाग भी सतर्क है। विभाग द्वारा हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा पहाडगांव, साजापानी व आसपास के क्षेत्रों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है।
