तीन महीने की गर्भवती थी पंजाबी इंफ्लूएंसर मनजीत कौर, पेड़ से बांधकर जिंदा जलाया गया; 54 दिन बाद हुई मौत

चंडीगढ़। पंजाबी इंफ्लूएंसर मनजीत कौर को कथित तौर पर अगवा कर मोरिंडा के जंगल क्षेत्र में शहतूत के पेड़ से बांधकर जिंदा जलाने के मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के समय मनजीत करीब तीन महीने की गर्भवती थी। मेडिकल जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं उसकी हत्या की वजह गर्भावस्था तो नहीं थी।ज़्यादा जानेंनए स्थान तलाशेंSportsसरकारी नीतियां पढ़ेंघटना 3 जुलाई की देर रात की बताई जा रही है। आरोप है कि मनजीत के परिचित शुभी और पिंदा ने उसे सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद दोनों उसे कथित तौर पर जबरन कार में बैठाकर मोरिंडा ले गए।
जंगल में पेड़ से बांधा और लगा दी आग
परिजनों के आरोप के मुताबिक, रास्ते में मनजीत के साथ मारपीट की गई। मोरिंडा के जंगल क्षेत्र में पहुंचने के बाद उसे शहतूत के पेड़ से बांध दिया गया और आग लगा दी गई। आरोपी मौके से फरार हो गए। इसी दौरान एक परिचित वहां पहुंचा और कंबल डालकर आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसी मनजीत को पहले मोरिंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मोहाली के मैक्स अस्पताल और बाद में 9 जुलाई को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
एक महीने बाद आया होश, पुलिस को देना चाहती थी बयान
परिवार के मुताबिक, करीब एक महीने बाद 5 अगस्त को मनजीत को होश आया। उसने पुलिस को बुलाकर अपना बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि पीजीआई पुलिस चौकी की ओर से खरड़ सदर थाना पुलिस को सूचना देने और जांच अधिकारी एएसआई लखविंदर सिंह को फोन किए जाने के बावजूद उसका बयान दर्ज करने कोई नहीं पहुंचा। पीजीआई चौकी में इस संबंध में डीडीआर दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
मामले की जांच अब इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि घटना के बाद मनजीत की मां ने पंजाब पुलिस को अपहरण और आग लगाए जाने की सूचना दी थी या नहीं। यदि शिकायत पहले ही दी गई थी तो उस समय क्या कार्रवाई हुई और हत्या के प्रयास का मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।
26 अगस्त को हुई मौत, अब हत्या का केस दर्ज
करीब दो महीने तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 26 अगस्त को पीजीआई में मनजीत कौर की मौत हो गई। इसके बाद 27 अगस्त को चंडीगढ़ पुलिस ने उसकी मां के बयान के आधार पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस अब शुभी और पिंदा की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
लेंसेक्टर-34 से लेकर मोरिंडा तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि कथित तौर पर अपहरण में इस्तेमाल कार और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। साथ ही पुलिस मनजीत के संपर्क में रहे आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की भूमिका और गर्भावस्था से जुड़े एंगल की भी जांच कर रही है।
