गेवरा खदान में देश का पहला 21 क्यूबिक मीटर क्षमता वाला इलेक्ट्रिक शॉवेल का शुभारंभः कोयला उत्पादन, खनन कार्यों की दक्षता को मिलेगी नई रफ्तार

कोरबा 23 अगस्त। एसईसीएल की मेगा प्रोजक्ट गेवरा माइंस में देश के पहले 21 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले इलेक्ट्रो हाइड्रोलिक फेस शॉवेल का शुभारंभ किया गया है। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने गेवरा खदान पहुंचकर अत्याधुनिक शॉवेल मशीन का लोकार्पण किया। आपको बता दे गेवरा एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान है और इस नई मशीन के संचालन से यहां कोयला उत्पादन और खनन कार्यों की दक्षता को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
21 क्यूबिक मीटर क्षमता वाला यह इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल कई आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा सुविधाओं से लैस है। मशीन में 360 डिग्री कैमरा, ऑपरेटर फटीग मॉनिटरिंग सिस्टम, एयर-सस्पेंशन सीट और एडजस्टेबल जॉयस्टिक जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा हाइड्रोलिक सीढ़ियां, गैस आधारित फायर सप्रेशन सिस्टम और एफओपीएस मानक वाला सुरक्षित केबिन भी इसमें दिया गया है। इन तकनीकों का उद्देश्य खनन कार्यों के दौरान ऑपरेटर की सुरक्षा बढ़ाने के साथ मशीन की कार्यक्षमता को बेहतर करना है।
एसईसीएल के मुताबिक, नई मशीन की वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 5.31 मिलियन घनमीटर है। इससे गेवरा माइंस में कोयला उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने और खनन प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने में मदद मिलेगी। मशीन को एसईसीएल के फीलिट मेजेंमेट सिस्टम (एफएमएस) से भी जोड़ा गया है। इसके जरिए मशीन के संचालन और प्रदर्शन की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। इससे उत्पादन प्रक्रिया की मॉनिटरिंग और मशीन के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलेगी।
नई मशीन में आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं को खास महत्व दिया गया है। ऑपरेटर फटीग मॉनिटरिंग सिस्टम, 360 डिग्री कैमरा और सुरक्षित एफओपीएस केबिन जैसी सुविधाएं खनन क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेंगी। एसईसीएल के मुताबिक, अत्याधुनिक मशीनरी के इस्तेमाल से उत्पादन, सुरक्षा और परिचालन दक्षता को एक साथ बेहतर किया जा सकेगा।
देश के पहले 21 सीयूएम इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक फेस शॉवेल का गेवरा माइंस में संचालन छत्तीसगढ़ के कोयला खनन क्षेत्र में तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बड़ी क्षमता वाली इस मशीन से कम समय में अधिक मात्रा में खनन कार्य करने में मदद मिलेगी और परियोजना की उत्पादन क्षमता को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी, योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र, एजीएम संजय मिश्रा सहित गेवरा परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे एसईसीएल गेवरा मेन्स में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक शॉवेल की शुरुआत कोयला उत्पादन के साथ सुरक्षित और स्मार्ट माइनिंग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
