कन्या महाविद्यालय चोरी का खुलासाः तीन आरोपी गिरफ्तार, एल्यूमिनियम फ्रेम और लोहे का सब्बल जब्त

कोरबा 22 अगस्त। थाना कोतवाली क्षेत्र के पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर अंतर्गत मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में हुई चोरी की दो वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया एल्यूमिनियम फ्रेम और वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का सब्बल जब्त किया गया है।

महाविद्यालय में चोरी की दोनों घटनाओं की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस सहायता केंद्र मानिकपुर ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।

इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से संदिग्धों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना के आधार पर संदेहियों को पकड़कर पूछताछ की गई। विवेचना के दौरान तीनों आरोपियों की दोनों चोरी की घटनाओं में संलिप्तता सामने आई।

पुलिस के अनुसार, अज्ञात आरोपियों ने मिनीमाता कन्या महाविद्यालय की इमारत में प्रवेश कर पुरानी इस्तेमाल की हुई एल्यूमिनियम की खिड़कियों को चोरी किया था। इस संबंध में अपराध क्रमांक 685ध्2026 और 687ध्2026 दर्ज कर जांच की जा रही थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया एल्यूमिनियम फ्रेम बरामद किया। इसके अलावा चोरी की वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का सब्बल भी जब्त किया गया है।

पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है- सागर कश्यप (22), पिता स्व. ललन कश्यप, निवासी मुड़ापार महंत मोहल्ला, चौकी मानिकपुर, थाना कोतवाली, कोरबा। आकाश उरांव उर्फ टब्बरी (21), पिता बी.पी. उरांव, निवासी मुड़ापार साहू मोहल्ला, चौकी मानिकपुर, थाना कोतवाली, कोरबा। ईश्वर बंजारे (21), पिता रतन बंजारे, निवासी रामनगर दुर्गा पंडाल के पास, चौकी मानिकपुर, थाना कोतवाली, कोरबा। तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4), 305(1) और 3(5) बीएनएस के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को चोरी का सामान बिक्री के लिए रखा हुआ दिखाई दे या कोई व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में चोरी के सामान के साथ नजर आए, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस के मुताबिक, नागरिकों की छोटी-सी सूचना भी बड़ी चोरी या अपराध का खुलासा करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान आवश्यकतानुसार गोपनीय रखी जाएगी।

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