सात सूत्रीय मांगों को लेकर भू-विस्थापितों ने दिया एजीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना

कोरबा 16 सितंबर। अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर गेवरा बस्ती के भू-विस्थापित ग्रामीणों ने आज एजीएम कार्यालय कुसमुंडा के मुख्य द्वार पर धरना दे दिया, जिससे एसईसीएल के अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यालय पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भूविस्थापितों का कहना है कि उनके द्वारा एरिया महाप्रबंधक को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए उसके शीघ्र निराकरण की मांग की गई थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। जिसके कारण उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि मांगें पूरी नहीं हो जाती।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भूविस्थापित आज सुबह यहां एकत्रित हुए और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारा लगाते हुए आंदोलन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अपनी मांगें सामने रखी है कि एसईसीएल प्रबंधन, जिला प्रशासन के एसडीएम एवं केएनआर कंपनी की ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष सामूहिक बैठक आयोजित की जाए, ताकि सभी मुद्दों पर सीधे चर्चा हो सके। गेवरा बस्ती के भू-अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा, रोजगार एवं बसाहट के मुद्दे पर स्पष्ट रूप से चर्चा कर समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए। गेवरा बस्ती के मुआवजा पत्रक को दिनांक एवं तिथि के स्पष्ट उल्लेख के साथ जल्द से जल्द भेजे।
ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा भूमि अर्जन की प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण स्थायी रोजगार मिलने में विलंब हो रहा है। ऐसे में स्थायी रोजगार के विकल्प के रूप में निजी कंपनी केएनआर में अस्थायी रोजगार के लिए गेवरा बस्ती क्षेत्र के प्रभावितों को प्राथमिकता देद्यनिजी कंपनी गोदावरी में कार्यरत भू-विस्थापित एवं प्रभावित कर्मचारियों को छोडकर अन्य लोगों की केएनआर में भर्ती प्रक्रिया नहीं किए जाने की मांग रखी गई है। सोनू-मोनू कंपनी में कार्यरत भू-विस्थापित एवं प्रभावित कर्मचारियों को एचपीसी के निर्धारित दर के अनुसार वेतनमान मिले। प्रभावित ग्राम गेवरा बस्ती में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा सडक, बिजली, पानी, चिकित्सा एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
