दीपका में एसीबी समूह की कोयला वाशरियों के खिलाफ धरनाः भारतीय जनाधिकार पार्टी ने सीबीआई जांच की उठाई मांग, अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कोरबा 19 अगस्त। भारतीय जनाधिकार पार्टी ने दीपका में एसीबी समूह की कोयला वाशरियों, संबद्ध ताप विद्युत परियोजनाओं और अन्य औद्योगिक गतिविधियों में कथित अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने वर्ष 1999 से अब तक की गतिविधियों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
धरना प्रदर्शन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने कार्यपालन दंडाधिकारी एवं तहसीलदार दीपका अभिजीत राज भानु के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री सहित केंद्र और राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। भारतीय जनाधिकार पार्टी ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। साथ ही सीबीआई के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का भी आग्रह किया गया है। पार्टी ने राज्य सरकार से भी बहु-विभागीय जांच दल गठित करने की मांग रखी है, ताकि कोयला, ईंधन, परिवहन और पर्यावरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की एक साथ जांच की जा सके।
पार्टी का कहना है कि कथित अनियमितताओं का दायरा केवल किसी एक कोयला वाशरी तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। इसलिए संबंधित वाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं और कोयला परिवहन व्यवस्था की व्यापक जांच जरूरी है। ज्ञापन में दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, चाकाबुरा, रतिजा, रेनकी और बिंझारी समेत सभी संबद्ध कोयला वाशरियों को जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की गई है। इसके अलावा संबंधित ताप विद्युत परियोजनाओं और कोयला परिवहन व्यवस्था की भी जांच की मांग की गई है।
पार्टी ने प्रत्येक वाशरी की स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक की गतिविधियों का रिकॉर्ड खंगालने की मांग की है। इसमें स्वीकृत क्षमता, पर्यावरणीय स्वीकृति, सीटीई और सीटीओ तथा वास्तविक कोयला प्राप्ति एवं प्रसंस्करण क्षमता का वर्षवार मिलान कराने की मांग शामिल है।
भारतीय जनाधिकार पार्टी ने मांग की है कि संबंधित औद्योगिक इकाइयों को मिली अनुमतियों और वास्तविक संचालन के बीच किसी तरह का अंतर है या नहीं, इसकी विस्तृत जांच की जाए। इसके लिए सरकारी रिकॉर्ड, पर्यावरणीय अनुमति, उत्पादन क्षमता और कोयला आपूर्ति से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण कराने की मांग की गई है।
पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। वहीं, धरना प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
