जेल प्रहरी लापता, भांजे को भेजा वीडियो: स्कूटी से मिला 8 पन्नों का पत्र, जेल अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिला जेल में पदस्थ जेल प्रहरी महेंद्र वर्मा के 13 अगस्त से लापता होने के बाद जेल प्रशासन और परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है। लापता होने से पहले महेंद्र ने अपने भांजे को एक वीडियो भेजा था। वीडियो में उसने अपनी स्कूटी की डिक्की में एक पत्र रखे होने की जानकारी दी थी। इसके बाद परिजनों ने स्कूटी की तलाशी ली, जहां से करीब 8 पन्नों का पत्र बरामद हुआ।
कलेक्टर और एसपी के नाम लिखा पत्र
बताया जा रहा है कि यह पत्र कलेक्टर और एसपी के नाम लिखा गया है। पत्र में जेल अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महेंद्र ने जेल में बंदी से मोबाइल मिलने की घटना का भी जिक्र किया है।
जेल प्रहरी का आरोप है कि बंदी से मोबाइल मिलने की घटना के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया गया और इस मामले को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
दुर्ग जेल अधीक्षक का भी पत्र में नाम
पत्र में दुर्ग जेल अधीक्षक मनीष संभाकर का भी नाम होने की बात सामने आई है। महेंद्र ने 12 अगस्त को हुई तलाशी के दौरान कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। उसने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
जेल प्रहरी ने पत्र में संबंधित स्थानों के CCTV फुटेज सुरक्षित रखकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा उसने अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार और उनकी सुरक्षा को लेकर भी भावुक बातें लिखी हैं।
फिलहाल महेंद्र वर्मा के लापता होने के बाद पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। उनके संभावित ठिकानों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जेल प्रहरी किन परिस्थितियों में लापता हुए और पत्र में लगाए गए आरोपों के पीछे की वास्तविकता क्या है।
