छत्तीसगढ़ में मानसून का जोर, अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बरसेंगे मेघ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन (गहरे अवदाब) के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 48 घंटों तक तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।

पिछले 24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान रायपुर और बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। हालांकि, अब तक पूरे राज्य में सामान्य से करीब 21 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन का असर

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून ट्रफ वर्तमान में बीकानेर, दतिया, रीवा, डाल्टनगंज और जमशेदपुर होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के केंद्र तक फैली हुई है। इसी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

अंबिकापुर सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा

प्रदेश में सोमवार को अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक रहा। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं—

  • नवागढ़ – 8 सेमी
  • भटगांव, पिथौरा, भिलाईगढ़ – 7 सेमी
  • सरायपाली – 6 सेमी
  • अर्जुन्दा, सोनाखान, सेवरीनारायण, गिरौदपुरी, सरसींवा, बसना, राजनांदगांव – 5 सेमी
  • लाल बहादुर नगर, चांपा, जांजगीर, पामगढ़, नगरी – 4 सेमी
  • धमतरी, कुकरेल, पलारी, बिहनीडीह, घरघोड़ा – 3 सेमी

रायपुर का आज का मौसम

राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

  • अधिकतम तापमान: 29°C
  • न्यूनतम तापमान: 24°C

लोगों के लिए सलाह

लगातार बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।

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