चिमनीभठा में प्रशासन ने रूकवाया नाबालिग जोड़े का बाल-विवाह

कोरबा 20 जुलाई। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर के चिमनीभठा वार्ड क्रमांक-14 में महिला एवं बाल विकास विभाग और मानिकपुर चौकी पुलिस की तत्परता से एक नाबालिग जोड़े का बाल विवाह होने से रोक दिया गया। शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, मंडप सज चुका था और बारात भी गाजे-बाजे के साथ पहुंच चुकी थी, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई के बाद विवाह कार्यक्रम रुक गया।
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक-14 की एक ही बस्ती में रहने वाली 13 वर्षीय नाबालिग लड़की और 15 वर्षीय नाबालिग लड़के का विवाह तय किया गया था। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे और शादी करने की इच्छा जता रहे थे। इसके बाद दोनों परिवारों ने सामाजिक परंपरा के अनुसार विवाह कराने की तैयारी शुरू कर दी थी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम
बाल विवाह की सूचना मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम और मानिकपुर चौकी पुलिस तत्काल विवाह स्थल पर पहुंची। टीम के पहुंचते ही कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया। शादी में शामिल होने पहुंचे मेहमान और परिजन भी सकते में आ गए।
परिजनों को समझाया बाल विवाह कानून
महिला एवं बाल विकास अधिकारी बसंत मिंज के नेतृत्व में पहुंची टीम ने दोनों परिवारों को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कराना कानूनन अपराध है। टीम ने परिवारों को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के बारे में भी जागरूक किया।
बिना शादी के लौटी बारात
अधिकारियों की समझाइश के बाद दोनों परिवारों ने विवाह रोकने पर सहमति जताई। इसके बाद नाबालिग लड़की को उसके घर और लड़के को उसके घर भेज दिया गया। वहीं बारात भी बिना विवाह के वापस लौट गई।
अधिकारी बोले- बाल विवाह रोकना प्राथमिकता
महिला एवं बाल विकास अधिकारी बसंत मिंज ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रुकवाया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह सामाजिक और कानूनी अपराध है। प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी स्थिति में नाबालिगों का विवाह नहीं होने दिया जाएगा।
