रहस्यमयी किला जिसके दीवारों से खून निकलता था और रात में आती थी रोने चीखने की आवाजें

नई दिल्ली। भारत अपने रहस्यमयी किलों, प्राचीन मंदिरों और अनसुनी कहानियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां कई ऐसी ऐतिहासिक जगहें मौजूद हैं, जिनसे जुड़े किस्से आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। इन्हीं में से एक है बिहार के रोहतास जिले में स्थित रोहतासगढ़ किला, जिसे भारत के सबसे प्राचीन और रहस्यमयी किलों में गिना जाता है। यह किला जितना अपनी भव्यता और इतिहास के लिए जाना जाता है, उतना ही यहां से जुड़ी डरावनी कहानियों के कारण भी हमेशा से चर्चे में रहता है।

दीवारों से टपकते खून की रहस्यमयी कहानी

किले की दीवारों से खून निकलने की कहानी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई साल पहले इस किले की पत्थर की दीवारों से लाल रंग का तरल पदार्थ निकलता था। करीब 200 साल पहले फ्रांसीसी इतिहासकार ने भी अपनी यात्रा के दौरान इस घटना का जिक्र अपने दस्तावेजों में किया था। उन्होंने लिखा था कि किले की दीवारों से खून जैसा पदार्थ निकलता दिखाई देता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि रात के समय इस किले से रोने और चीखने की आवाजे सुनाई देती थी। यही वजह है कि बहुत लंबे समय तक लोग शाम होने के बाद इस किले के आसपास जाने से डरते थे।

त्रेता युग से जुड़ा है किले का इतिहास

रोहतासगढ़ किले का इतिहास बेहद पुरा और दिलचस्प ना जाता है। यता है कि इसका निर्माण में अयोध्या के सूर्यवशी राजा शिकु के पौत्र और राजा हरिशवंद के पुत्र रोहिताज्य में करवाया। इसे जह से इस किले का नाम रोहता पड़ा। पहाड़ों की ऊंचाई पर यह विशाल किला आज भी अपनी मजबूत और शानदार अर्किटेक्चर के लिए प्रसिद्ध है।

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