बिना फेशियल रिकग्निशन अब नहीं कर पाएंगे नेपाल और भूटान यात्रा

नई दिल्ली। अब आप सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर नेपाल और भूटान में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) भारत से सटे नेपाल और भूटान की सीमा पर निगरानी सख्त करने जा रहा है। दोनों देशों की सीमा के 10 प्रवेश द्वार पर भारत बार्डर एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम (बीईएमएस) शुरू करने जा रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के झूलापुल और उत्तरप्रदेश के बहराइच में स्थित रुपईडीहा में एआई से लैस फेशियल रिकग्निशन सिस्टम
(एफआरएस) का सफल परीक्षण किया जा चुका है। इसमें वाहनों की पहचान के लिए भी अलग से लेन व्यवस्था की जाएगी। एसएसबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीईएमएस को देश के सुरक्षा सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे अपराधियों, आतंकियों, तस्करी और चोरी की गाड़ियों की पहचान आसान होगी।
यूपी चुनाव से पहले सीमा की सुरक्षा चुस्त
उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में उतनी ही दिलचस्पी है, जितनी कि पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई को उसे उम्मू और कश्मीर में है। आईएसआई उत्तरप्रदेश के चुनाव को हर तरह से प्रभावित करने की कोशिश करती है। इसके लिए वह नेपाल को फंडिंग रूट की तरह इस्तेमाल करती है। इसके लिए उसके गुर्गे कई बार नेपाल आवाजाही करते हैं। इस सिस्टम के लग जाने के बाद यह बात भी आसानी से पता लग पाएगा कि कौन सा व्यक्ति किस रूट से कितनी बार नेपाल की यात्रा कर रहा है। ऐसे में आईएसआई के गुर्गों को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। उत्तरप्रदेश विधानसभा का चुनाव 2027 में होना है। भारत और नेपाल के बीच 1751 किलोमीटर की साझी सीमा है।
