कनाडा: अल्बर्टा के लोग चाहते हैं अलग होना, जनमत संग्रह होगा

नया देश बनाने को जनमत संग्रह हो या नहीं, इसके लिए होगी वोटिंग
कनाडा से अलग होने के लिए जनमत संग्रह की मांग कर रहे हैं। अमरीका की ट्रंप सरकार भी इस मांग को पीछे से समर्थन दे रहा है। लोगों ने जनमत संग्रह कराने को लेका याचिका दाखिल की थी। स्थानीय जनता कनाडा से अलग होने की राय देती है तो एक नए देश का जन्म भी हो सकता है। वहीं अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने कहा है कि प्रांत कनाडा से अलग हो इसके लिए जनमत संग्रह कराया जाएं या नहीं, अब इसे लेकर वोटिंग कराई जाएगी।
कनाडा के तेल उत्पादन में 84% हिस्सेदारी
अल्बर्टा प्रांत की आबादी 50 लाख है। यहां अब तक हुए अलग-अलग सर्वेक्षणों में पता चला है कि 30% लोग ही प्रांत की आजादी के समर्थक हैं। स्थानीय लोगों को इस बात की भी नाराजगी है कि प्रांत जितना राजस्व देता है उसमें उसे पर्याप्त हिस्सा नहीं मिलता। कनाडा के कुल तेल उत्पादन का 84% हिस्सा इसी प्रांत से आता है। यहां लगभग 1.65 लाख बिलियन बैरल तेल भंडार मौजूद है।
प्रीमियर कनाडा में ही बने रहने की समर्थक
अल्बर्टा प्रांत की प्रीमियर डेनियल स्मिथ को लेकर माना जाता है कि वह अल्बर्टा के कनाडा में ही बने रहने का समर्थन करती हैं। अब जनमत संग्रह कराने का सही समय है या नहीं इसे लेकर वोटिंग कराने के पीछे उनकी यही धारणा है कि कैसे इस मांग को दबाया जा सके। उन्होंने कहा कि वह अक्टूबर में जनमत संग्रह कराने की योजना बना रही हैं। पीएम मार्क कार्नी भी मानते हैं कि अल्बर्टा कनाडा के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है।
नया देश बनाने की प्रक्रिया क्या है
अल्बर्टा में अगर जनमत संग्रह कनाडा से अलग होने के पक्ष में आता है तो नया देश बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। सबसे पहले सीमा का विभाजन होगा। अल्बर्टा खुद का संविधान और कानून तैयार करेगा। यूएन की सदस्यता के लिए भी आवेदन करेगा। लेकिन, यह प्रक्रिया इतनी आसान भी नहीं। कनाडा के मौजूदा प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी इसी प्रांत से आते हैं। माना जा रहा है कि कनाडा का प्रयास जनमत संग्रह को विफल कराने का है।
