बालको संयंत्र में केमिकल स्पिलेज से निपटने हेतु मॉक ड्रिल का सफल आयोजन

कोरबा, 29 अप्रैल 2026/ कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार आज बालको संयंत्र में रासायनिक रिसाव (केमिकल स्पिलेज) की संभावित आपदा से निपटने के उद्देश्य से व्यापक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल पावर डिवीजन अंतर्गत 1200 मेगावाट यूनिट-3 एवं 4 के केमिकल प्रोसेस यूनिट (सीपीयू) स्थित कास्टिक सोडा टैंक क्षेत्र में आयोजित की गई। इस ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन तैयारी की समीक्षा, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की जांच तथा विभिन्न दलों के समन्वय एवं संचार प्रणाली का परीक्षण करना था।

केंद्र सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा औद्योगिक आपदाओं की रोकथाम और प्रबंधन को सशक्त करने हेतु राज्य में मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन कोरबा की उपस्थिति में आज यह मॉक ड्रिल संपन्न हुई।

मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, एसडीएम सरोज महिलांगे, डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी श्री विजय सिंह पोटाई, जिला खनिज अधिकारी श्री प्रमोद नायक, सब डिवीजनल ऑफिसर पीडब्ल्यूडी श्री राकेश द्विवेदी, असिस्टेंट इंजीनियर पीडब्ल्यूडी श्रीमती नम्रता वर्मा, नगर निगम फायर टीम तथा जिला अस्पताल की आपातकालीन मेडिकल टीम शामिल रही। कंपनी की ओर से आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था का नेतृत्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार (चीफ इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री गीत साहू (साइट इंसिडेंट कंट्रोलर), श्री मयंक श्रीवास्तव (वर्क इंसिडेंट कंट्रोलर) तथा श्री भारतेंदु कमल पांडे (चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर) द्वारा किया गया।
अभ्यास के दौरान कास्टिक सोडा टैंक के फ्लैंज से रिसाव की आभासी स्थिति तैयार की गई। रिसाव का पता लगते ही ऑपरेटर द्वारा तुरंत सेंट्रल कंट्रोल रूम को सूचना दी गई, जिसके उपरांत फायर, मेडिकल, सिक्योरिटी एवं रेस्क्यू टीमों को त्वरित अलर्ट जारी किया गया। सभी टीमें निर्धारित समयावधि में घटनास्थल पर पहुँचीं और मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप रिसाव को नियंत्रित किया गया। प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित कर स्थिति सामान्य होने के पश्चात साइट इंसिडेंट कंट्रोलर द्वारा आपातकाल समाप्त घोषित किया गया तथा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्रियल हेल्थ एंड सेफ्टी श्री विजय सिंह पोटाई ने कहा कि बालको संयंत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। उन्होंने विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल औद्योगिक सुरक्षा एवं जनसुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ऐसी मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती रहेंगी, जिससे आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी बनाया जा सके और किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
