मासूम की संदिग्ध मौत, परिजनों के बदलते बयान से उलझा मामला, जांच जारी

तखतपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लाए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पूरा मामला जरहागांव थाना क्षेत्र के ग्राम अमलिकापा का है। बुधवार शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच परिजन बच्ची को सीएचसी लीदरी लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।
परिजनों के बदलते बयान से बढ़ी शंका
घटना के बाद परिजनों के बयान लगातार बदलते नजर आए, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। पहले परिजनों ने बताया कि बच्ची का इलाज एक निजी क्लीनिक में कराया गया था, जहां इंजेक्शन लगने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। हालांकि, पुलिस पूछताछ में उन्होंने यह बयान बदलते हुए कहा कि बच्ची का कहीं भी इलाज नहीं कराया गया था।
निजी क्लीनिक ने आरोपों से किया इनकार
जिस निजी क्लीनिक का जिक्र परिजनों ने किया था, वहां के डॉक्टर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची को दोपहर करीब 3:30 बजे तेज बुखार (करीब 108 डिग्री) की स्थिति में लाया गया था। उन्होंने केवल स्पंजिंग कर उसे वापस भेज दिया और कोई दवा या इंजेक्शन नहीं दिया गया।
सीएचसी डॉक्टर ने बताया ‘ब्रॉट डेड’
सीएचसी के डॉक्टर राज किरण शर्मा ने बताया कि बच्ची को अस्पताल लाए जाने पर वह “ब्रॉट डेड” थी। मामले को संदिग्ध मानते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया।
