अमेरिका में भारतीय दूतावास की प्रदर्शनी में पाकिस्तान बेनकाब..!

वाशिंगटन। अमरीकी सांसद ब्रेड शर्मन ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने आतंकवाद की मानवीय कीमत विषय पर एक प्रदर्शनी लगाई थी। इस अवसर पर शर्मन ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को याद किया। इस हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे। शर्मन ने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ का हाथ था, जिसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा से है। खबरों के मुताबिक, इन समूहों को पाकिस्तान में पनाह मिलती है।
प्रदर्शनी में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों के कई बड़े सांसद शामिल हुए। इस दौरान सांसद लिसा मैक्लेन ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए खुफिया जानकारी साझा करना और मिलकर काम करना ही सही रास्ता है। वहीं, सांसद रो खन्ना ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया।
पाकिस्तान की हकीकत आई सामने
डेमोक्रेट नेता शर्मन ने पाकिस्तानी सरकार से इन आतंकी गुटों पर नकेल कसने की मांग की। यह प्रदर्शनी ऐसे समय में लगी जब पाकिस्तान खुद को शांतिदूत के रूप में पेश कर करते हुए अमरीका-ईरान युद्ध को रोकने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
प्रदर्शनी में पाकिस्तान बेनकाब
इस डिजिटल प्रदर्शनी में 1993 के मुंबई बम धमाकों, 2008 के मुंबई हमलों और पहलगाम हमले की तस्वीरें दिखाई गईं। इसमें उन आतंकी संगठनों और लोगों की पहचान भी उजागर की गई जो पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चलाते हैं। राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि आतंकवाद मानवता को नष्ट करना चाहता है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के आतंकवाद को हराने के संकल्प को दोहराया।
