ईपीएफ राशि विवादः बिजली वितरण कंपनी के 55 सब स्टेशन ऑपरेटर आज से बेमुद्दत हड़ताल पर

कोरबा 01 अपै्रल। कोरबा जिले में छत्तीसगढ़ बिजली वितरण कंपनी के अंतर्गत चल रहे 55 सब स्टेशनों से कांट्रैक्ट ऑपरेटर आज से बेमुद्दत हड़ताल पर चले गए। ईपीएफ के 50 लाख के विवाद को लेकर वे अधिकारियों से नाराज हैं। सब स्टेशन की व्यवस्था संभालने के लिए बोर्ड ने नियमित कर्मियों को वहां भेजा है ताकि दिक्कत न हो। उधर हड़तालियों ने कहा कि जब तक ईपीएफ की राशि उन्हें नहीं मिलेगी, वे काम पर नहीं लौटने वाले।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों में ईपीएफ राशि जमा न होने को लेकर गहरा आक्रोश है। कार्यपालन अभियंता, नगर संभाग कोरबाध्कटघोरा को पत्र प्रेषित कर कर्मचारियों ने इरादे साफ किए है। बताया गया है कि कार्यालय के पत्र क्रमांक 4199, 30 जनवरी 2026 के माध्यम से यह आश्वासन दिया गया था कि फरवरी 2026 तक सभी कर्मचारियों की ईपीएफ राशि उनके खातों में जमा कर दी जाएगी। इसके लिए अधीक्षण अभियंता के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी हुई थी। कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष ललित किशोर बरेठ और एमएल तिवारी ने हैरानी जताई है कि आज तक किसी भी कर्मचारी के खाते में ईपीएफ की राशि जमा नहीं की गई है। लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से उनमें भारी नाराजगी है। दो वर्ष की यह राशि लगभग 50 लाख होती है। हर कर्मचारी के हिस्से के लगभग 30 हजार रुपए बनते हैं। इससे वे वंचित हैं।

कर्मचारी संघ ने कहा कि इसी के चलते पत्र क्रमांक 172 में पूर्व में घोषित सामूहिक अवकाश, जिसे स्थगित कर दिया गया था, उसे पुनः 1 अप्रैल 2026 से यथावत लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिले के सभी 33/11 के.वी. सब स्टेशनों के ऑपरेटर इस दौरान सामूहिक अवकाश पर चले गए। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक संबंधित प्रकरण का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक वे सामूहिक अवकाश जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। संघ ने आज दोपहर तक तुलसी नगर उपकेंद्र में जुटकर प्रदर्शन और आगे की रणनीति को साफ करने की बात कही।

जमा राशि पर ब्याज खा रहे अधिकारी
छत्तीसगढ़ बिजली वितरण ठेका कर्मचारी कल्याण संघ का आरोप है कि हमारी ही ईपीएफ की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। केवल नई तारीखें इस मामले में अधिकारियों की ओर से दी जा रही है। लेकिन नतीजे नहीं आ रहे हैं। संघ का आरोप है कि हमारे जमा धन का ब्याज विभागीय अधिकारी खा रहे हैं और हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं। हमने तय किया है कि जब तक समस्या हल नहीं होगी, काम पर नहीं लौटेंगे।

व्यवस्था पर कोई असर नहीं
ठेका कर्मियों के द्वारा अपनी समस्या बताई गई थी जिसके समाधान के लिए कोशिश की गई। उनके पड़ताल पर जाने की सूचना को ध्यान में रखते हुए जरूरी प्रबंध किए गए। हमने अपने नियमित कर्मियों को उपकेंद्रों में भेजा है और संबंधित ऑपरेशनल सिस्टम को जारी रखा है। व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी है। इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
आरएल वर्मा, ईई, कोरबा शहर संभाग,

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