भीषण गर्मी में औपचारिक बन गए प्याऊ, आखिर कैसे बुझे प्यास

कोरबा 13 मई। भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत देने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद कटघोरा द्वारा शहर के प्रमुख स्थानों पर प्याऊ घर तो बनाए गए, मटके भी रखे गए, लेकिन पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ये प्याऊ घर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। हालात ऐसे हैं कि प्यास बुझाने की उम्मीद लेकर पहुंच रहे लोग बिना पानी पिए ही वापस लौटने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद कटघोरा द्वारा तहसील चौक एवं व्यवहार न्यायालय के समीप सार्वजनिक प्याऊ घर खोले गए हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर गर्मी को देखते हुए इन स्थानों पर लोगों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी। शुरुआत में मटके रखकर व्यवस्था शुरू तो कर दी गई, लेकिन उनमें नियमित रूप से पानी भरने की जिम्मेदारी और व्यवस्था तय नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच राहगीर, मजदूर, ग्रामीण एवं आम नागरिक पानी की तलाश में इन प्याऊ घरों तक पहुंचते हैं, लेकिन वहां खाली मटके देखकर निराश लौट जाते हैं। कई लोगों ने नगर पालिका की इस व्यवस्था को केवल औपचारिकता बताते हुए कहा कि यदि पानी ही उपलब्ध नहीं है तो प्याऊ घर खोलने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

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