ऑनलाइन दवा विक्रय जन स्वास्थ्य के लिए खतरा, विरोध में दुकानें रहेंगी बंद

छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूशन संगठन का ऐलान

कोरबा 31 मार्च। छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूशन संगठन ने ऑनलाइन दवा विक्री के विकल्प को हर दृष्टि से गलत ठहराया है। जन स्वास्थ्य की सुरक्षा को खतरा और कारोबारी को हो रहे नुकसान का हवाला देते हुए उसने 11 मई को छत्तीसगढ़ सहित देश भर में दवा दुकान बंद करने की घोषणा की।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिरोंटिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारा संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन से हैं जो पूरे भारतवर्ष के 12 लाख 50000 केमिस्टों का प्रतिनिधित्व करता है। छत्तीसगढ़ में 18000 कारोबारी इसके सदस्य हैं। संगठन ने एक बार फिर से प्रदेश और जिला के साथ राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन दवा विक्रय का विरोध किया है। उसका कहना है कि इससे दवा की गुणवत्ता सुरक्षित भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। मेडिसिन के लिए निर्धारित तापमान बैच का लेखा-जोखा और एक्सपायरी का समुचित पालन ऑनलाइन माध्यम से सुनिश्चित करना कठिन होता है। यह भी कहा गया कि ऑनलाइन माध्यम में प्रिस्क्रिप्शन के सत्यापन की प्रक्रिया नियंत्रित नहीं होती, जिससे प्रतिबंधित श्रेणी की दावों के दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाती है। उमेश सिरोठिया ने कहा कि संगठन के सदस्य अधिकृत विक्रेताओं और दवा निर्माता कंपनियों की वेद आपूर्ति से जुड़े हुए हैं जिससे मेडिसिन की गुणवत्ता और प्रमाणिकता सुनिश्चित रहती है। जबकि ऑनलाइन माध्यम से इस प्रकार की स्पष्ट व्यवस्था का होना संभव नहीं है। उन्होंने कहा है कि सरकार के द्वारा गठित ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी समय-समय पर निरीक्षण और जांच के माध्यम से संगठन से जुड़े दवा विक्रेताओं पर निगरानी रखता है।

छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूशन संगठन का यह भी कहना है कि ऑनलाइन दवा विक्रय से न केवल स्थानीय दावा व्यवसाय प्रभावित होता है बल्कि दावों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आर्थिक दुष्प्रभाव को लेकर संगठन ने 11 में को कोरबा और छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में दवा दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया है और इस बारे में अग्रिम रूप से सरकार को चेतावनी दी है।

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