राष्ट्रीय पेंशन योजना में जीवित खाता धारकों को मृत बताकर 01.19 करोड़ की धोखाधड़ी, एक आरोपी जेल दाखिल

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) से जुड़ा करोड़ो रुपए का एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। दुर्ग पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के जरिए 15 जीवित खाताधारकों को मृत दिखाकर करीब 1 करोड़ 19 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। आरोप है कि इसके बदले खाताधारकों से 5 प्रतिशत कमीशन एडवांस में लिया जाता था।

दुर्ग पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी राजेश कनोजिया (44) को गिरफ्तार किया है। वह दुर्ग जिले के बोरसी का रहने वाला है और एक ऑनलाइन सेवा केंद्र चलाता था। आरोप है कि राजेश कनोजिया ग्राहकों से आधार, पैन और बैंक डिटेल्स लेकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य केवाईसी दस्तावेज तैयार करता, फिर मृत्यु दावा दाखिल कर राशि निकलवाता। मामला पाटन थाना क्षेत्र का है। एक सहयोगी आरोपी राजेश ठाकुर फिलहाल फरार है।

घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब भिलाई स्टील प्लांट के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम पर मृत्यु दावा किया गया, जबकि वह जीवित पाए गए। संदेह होने पर HDFC लाइफ इंशोरेंस कम्पनी के बोकारो (झारखंड) स्थित प्रबंधक ने दुर्ग पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि फर्जी दावों के आधार पर करोड़ो रुपए की बड़ी रकम निकाली गई है।

पाटन थाना पुलिस को जांच में पता चला कि कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी राजेश कुमार ठाकुर ने कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज अपलोड किए और सत्यापन प्रक्रिया की अनदेखी कर दावे पास कराए। वह फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है।

पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालक पहले दस्तावेज जुटाता, फिर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर दावा दाखिल करता। NPS नियमों के अनुसार जीवित रहते अधिकतम 60% राशि निकाली जा सकती है और 40% पेंशन के रूप में मिलती है। मृत्यु की स्थिति में पूरी राशि नामिनी को मिलती है। आरोपियों ने इसी प्रावधान का दुरुपयोग कर जीवित लोगों को मृत दिखाकर 100% राशि निकलवा ली।

कई फर्जी दावों में एक जैसे पते, अमान्य क्यूआर कोड वाले प्रमाण पत्र और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए लेन-देन के संकेत मिले हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी के पास से नकदी और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

भिलाई नगर सी एस पी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि पाटन थाना क्षेत्र मे नेशनल पेंशन स्कीम के नाम से धोख़ाधड़ी का एक प्रकरण प्रकाश मे आया है, प्रकरण मे एच डी एफ सी बोकारो के मैनेजर के द्वारा एक प्रथम सूचना दर्ज करवाया गया है, कि एच डी एफ सी के अभिकर्ता है राजेश कनौजिया के द्वारा जीवित व्यक्ति को मृत बता कर उनके फर्जी दस्तावेज बनाकर उनके फर्जी के वाई सी तेयार कर कई व्यक्ति के नाम से नेशनल पेंशन स्कीम के तहत मृत्यु दावा कर फर्जी रूप से पैसे का आहरण किया गया, प्रथम दुष्ट्या प्रकरण सही पाए जाने से प्रकरण मे मुख्य आरोपी को गिरफ्तारी कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, कुल एक करोड़ उनीस लाख रुपए का मृत्यु दावा इनके द्वारा फर्जी रूप से तेयार कर पेश किया गया और आहरण किया गया है, ये अभिकर्ता है अभिकर्ता के द्वारा तेयार कर प्रस्तुत किया गया था, प्रथम सूचना मे इनका नाम है।

शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि फरार आरोपी राजेश ठाकुर की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों या राज्यों तक जुड़े हैं।

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