लाल आतंक को लगा बड़ा झटका, पीएलजीए कमांडर बारसे देवा सहित 20 नक्सलियों का सरेंडर

रायपुर/ सुकमा। नए साल की शुरुआत होते ही लाल आतंक को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष नक्सली हिड़मा के करीबी और पीएलजीए कमांडर बारसे देवा ने आज शनिवार, 3 दिसंबर 2026 को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। नक्सली कमांडर बारसे देवा के सरेंडर के बाद की सबसे पहली तस्वीर सामने आई है। तेलंगाना पुलिस जल्द ही देवा के सरेंडर की आधिकारिक घोषणा करने वाली है। आपको बता दें कि कल पीएलजीए कमांडर बारसे देवा के सरेंडर करने की सूचना मिली थी।

बताया गया था कि आज वह तेलंगाना के डीजीपी के सामने हैदराबाद में आत्मसमर्पण करेंगे। बारसे देवा पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह नक्सल संगठन के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद बारसे देवा को पीएलजीए का कमांडर बनाया गया था। इसके बाद से वह संगठन की सैन्य गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे थे। बारसे देवा माओवादी पार्टी की सैन्य टुकड़ियों (सशस्त्र बलों) की गतिविधियों को संभाल रहा था। नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को संगठन की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है, और इसका कमांडर बारसे देवा है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन तीन जिलों में बटालियन का ज्यादा प्रभाव रहा है। माओवादी पार्टी को हथियारों की सप्लाई में बारसे देवा की भूमिका बेहद अहम मानी जाती रही है।

03 जनवरी 2026
माओवादी संगठन को बड़ा झटका।
PLGA बटालियन कमांडर बड़से सुक्का उर्फ देवा (DK SZCM) सहित CPI (माओवादी) के 20 अंडरग्राउंड कैडरों ने आत्मसमर्पण किया।
तेलंगाना स्टेट कमेटी के वरिष्ठ नेता कंकनाला राजी रेड्डी उर्फ वेंकटेश (SCM) भी मुख्यधारा में लौटे।
आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने कुल 48 हथियार जमा किए, जिनमें
2 LMG, 1 US-made Colt राइफल, 1 इजरायली Tavor,
8 AK-47, 10 INSAS, 8 SLR,
4 BGL, 11 सिंगल-शॉट हथियार,
2 ग्रेनेड, 1 एयर गन
और 2,206 राउंड गोला-बारूद शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इसे PLGA और तेलंगाना स्टेट कमेटी के अंत की दिशा में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

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