नक्सलियों द्वारा डंप किए गए हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्रियां बरामद की गई

बस्तर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। कैंप मेटागुड़ा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बोटेतोंग की पहाड़ियों में नक्सलियों द्वारा भारी मात्रा में डंप किए गए हथियार, विस्फोटक और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्रियां बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई से नक्सलियों के सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के मंसूबों पर पानी फिर गया है।

जानकारी के अनुसार, जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 23 दिसंबर 2024 को एक विशेष सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर कैंप मेटागुड़ा से D/203 कोबरा (CoBRA), 131 वाहिनी सीआरपीएफ और जिला बल सुकमा की एक संयुक्त टीम ग्राम पीनाचांदा और बोटेतोंग के जंगलों की ओर रवाना हुई थी।

मंगलवार सुबह जब सुरक्षा बल के जवान बोटेतोंग के जंगलों और पहाड़ियों की तलाशी ले रहे थे, तभी उन्हें नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक बड़ा डंप मिला। तलाशी के दौरान वहां से बड़ी मात्रा में विस्फोटक, एयर गन, बीजीएल (BGL) बनाने के उपकरण और अन्य तकनीकी सामग्रियां बरामद की गईं।

बरामद सामग्रियों की सूची: सुरक्षा बलों ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

अन्य सामग्री: हिंदुस्तान यूनिलीवर प्योरिट RO, जल आपूर्ति पंप, 03 कैन इंजन ऑयल, दवाइयां और महिलाओं के बैग।

हथियार व उपकरण: 02 एयर गन, राइफल बोल्ट, 01 स्टील रॉड, 06 पीतल की रॉड, 40 स्पाइक रॉड और 05 हेक्सा ब्लेड।

विस्फोटक सामग्री: 01 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 05 व 3 लीटर क्षमता के 02 स्टील कंटेनर (IED), 02 किलो स्प्लिंटर्स, 07 BGL हेड, 26 टेल कैप और BGL बनाने के पाइप।

इलेक्ट्रॉनिक सामान: 01 माइक्रोटेक इन्वर्टर, 01 HP प्रिंटर, 04 PCB (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड)।

पुलिस की अपील: ‘पूना मार्गेम’ से जुड़ें माओवादी
सुकमा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में ‘एंटी नक्सल ऑपरेशन’ लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास के मार्ग पर आएं। शासन की ‘पूना मार्गेम’ (नया रास्ता) पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में शामिल हों और पुनर्जीवन अभियान का हिस्सा बनें।इस सफल ऑपरेशन के बाद सभी सुरक्षा बल सुरक्षित रूप से अपने कैंप वापस लौट आए हैं। इलाके में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया गया है।

आपको बता दें कि एक दिन पहले ही 22 नक्सलियों ने उड़ीसा के DGP के समक्ष सरेंडर किया था। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में अधिकतर नक्सली केरलापाल एरिया कमेटी के बताए गए हैं। सरेंडर करने वालों में नक्सलियों की दोरनापाल LOS के कई कमांडर भी शामिल थे। कुल 22 नक्सलियों ने मल्कानगिरी में सरेंडर किया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने 1 ak47 2 INSAS 1SLR समेत 9 हथियार भी साथ लाकर पुलिस को सौंपा। सरेंडर करने वालों में नक्सलियों की केरलापाल, जगरगुंडा एरिया कमेटी व प्लाटून 26 के 19 नक्सली और 3 नक्सली आंध्र उड़ीसा बॉर्डर स्पेशल ज़ोनल कमेटी के बताए गए हैं।

कांकेर से पहले बीजापुर जिले के अंतर्गत कर्रेगुट्टा हिल्स, डोलीगुटटा की चोटी, थाना उसूर में भी माओवादियों का अवैध डम्प उजागर किया गया था।थाना उसूर क्षेत्रान्तर्गत कर्रेगुट्टा हिल्स के डोलीगुट्टा चोटी एरिया में सुरक्षा बलों की सघन कार्रवाई। जमीन खोदकर छुपाए गए माओवादियों के हथियार मरम्मत उपकरण, बीजीएल सेल निर्माण सामग्री एवं विस्फोटक सामग्री बरामद किया गया। अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा लगाए गए 02 नग प्रेशर IED को COBRA-204 की BDD टीम ने मौके पर नष्ट किया।

अभियान के दौरान कर्रेगुट्टा हिस्ल के डोलीगुटटा की चोटी में माओवादियों के द्वारा लगाये गये 02 नग प्रेशर IED बरामद किया गया जिसे 204 कोबरा की बीडीडी टीम के द्वारा मौके पर नष्ट किया गया ।

जिला बीजापुर के थाना उसूर अंतर्गत FOB ताड़पाला घाटी क्षेत्र के जंगलों में जिला बल , कोबरा 204 एवं केरिपु 196 की टीम द्वारा की गई सघन सर्चिंग कार्रवाई के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार मरम्मत करने के उपकरण, बीजीएल निर्माण की सामग्री एवं उपकरण विस्फोटक सामग्री एवं सामग्री का डम्प बरामद किया गया।

बरामद सामग्री में शामिल हैं:-
⭕ हैंड फ्लाई प्रेस
⭕भारी मात्रा में बीजीएल सेल (बड़े, मध्यम एवं छोटे आकार)
⭕बीजीएल टेल, स्टील प्लेट एवं अन्य पार्ट्स
⭕स्क्रू ड्राइवर, हैक्सा ब्लेड, प्लायर आदि उपकरण
⭕हथियार मरम्मत के अन्य भारी उपकरण

सुरक्षा बलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से माओवादियों की साजिश को विफल किया गया है। यह बरामदगी क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षा बलों की कार्यवाही लगातार जारी है l

Spread the word