चलती कार में IPL सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, RCB-गुजरात मैच पर लगा रहे थे दांव, व्हॉट्सऐप से होती थी पूरी डील, पैसा मिलते ही दूसरे खातों में ट्रांसफर, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आईपीएल मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। छावनी थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए मैच पर सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपी चलती कार में बैठकर शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमते हुए इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, 30 अप्रैल को चल रहे मैच के दौरान सूचना मिली थी कि कुछ युवक नेहरू नगर, सुपेला चौक, पावर हाउस और आसपास के क्षेत्रों में घूम-घूमकर मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने बैकुंठ धाम गेट, गौरव पथ रोड, कैम्प-02 भिलाई के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका।
कार में सवार पवन कुमार यादव और मयंक गणवीर को मौके पर पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने सट्टा संचालन की बात कबूल की। उनके बताए अनुसार पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए नमन गुप्ता और नीलकंठ कोसरे उर्फ नीलू को भी गिरफ्तार किया।
व्हॉट्सऐप से चलता था पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आईडी बनाकर ग्राहकों को जोड़ते थे। सट्टे का पूरा हिसाब-किताब व्हॉट्सऐप के जरिए होता था। ग्राहक पैसा ट्रांसफर करते ही आरोपी तुरंत उसे अलग-अलग बैंक खातों में भेज देते थे, ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो सके।
दूसरों के खातों का इस्तेमाल
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह कई बार दूसरे लोगों के बैंक खातों, पासबुक और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करता था। कई खाताधारकों को इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उनके नाम का उपयोग सट्टा लेनदेन में किया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज और कार जब्त की है। शुरुआती जांच में लाखों रुपए के लेनदेन के संकेत मिले हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
