महागठबंधन की सीट शेयरिंग को लेकर सस्पेंस लगभग खत्म, जानिए किस पार्टी को कितनी सीट मिली.?

पटना (ए.)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर अब महागठबंधन की सीट शेयरिंग को लेकर सस्पेंस लगभग खत्म हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में दो दिनों तक चली बैठकों के बाद आखिरकार सीटों का ‘फाइनल फॉर्मूला’ तय हो गया है। जानकारी के अनुसार, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव कल तक गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं के साथ मिलकर सीट शेयरिंग की आधिकारिक घोषणा करेंगे।
महागठबंधन के अंदर सीटों का जो फॉर्मूला तय हुआ है, उसके मुताबिक आरजेडी को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है- यानी 134 सीटें। वहीं कांग्रेस को 54, वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) को 18, सीपीआई (एमएल) को 22, सीपीआई को 4, सीपीएम को 6, झारखंड मुक्ति मोर्चा को 2, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को 3 और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी को 2 सीटें मिलने की बात सामने आई है। दिल्ली में आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव की कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ लंबी बैठक चली। कांग्रेस पार्टी की ओर से के सी वेणुगोपाल, बिहार प्रभारी भक्तचरण दास और अखिलेश सिंह मौजूद थे।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस ने पहले 65 सीटों की मांग रखी थी, लेकिन अंततः 54 पर समझौता हुआ। तेजस्वी यादव ने दिल्ली में गठबंधन के समन्वय समिति की बैठक के बाद कहा कि गठबंधन के सभी साथी दलों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व दिया गया है। हम एकजुट होकर बीजेपी और एनडीए के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे।
दिल्ली से लौटने के बाद तेजस्वी यादव सोमवार शाम को पटना लौटेंगे. इसके साथ ही वह धीरे-धीरे उम्मीदवारों का ऐलान करेंगे. वहीं इसके बाद कल तेजस्वी यादव अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर महागठबंधन सीट शेयरिंग की घोषणा करेंगे. इस मौके पर कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई (एमएल), वीआईपी और जेएमएम के शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे. गठबंधन सूत्रों के अनुसार, सभी दलों के बीच सीटों पर सहमति बन चुकी है, अब बस औपचारिक ऐलान बाकी है. सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवारों के नामों पर भी फाइनल चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है। बता दें, कि रविवार शाम को एनडीए ने सोशल मीडिया पर अपना सीट शेयरिंग फार्मूला जारी कर दिया था। बीजेपी को 101, जेडीयू को 101 और एलजेपी (रामविलास) को 29 सीटें, दी गई हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को 6-6 सीटें मिली हैं। एनडीए के सीट फॉर्मूले के बाद अब महागठबंधन पर दबाव बढ़ गया है कि वह भी जल्द अपनी सीटों की घोषणा करे. बिहार में 243 विधानसभा सीटें हैं।
महागठबंधन का यह फॉर्मूला सामाजिक समीकरणों और पिछले चुनाव के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 2020 में आरजेडी 75 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि कांग्रेस को मात्र 19 सीटें मिली थीं। इस बार कांग्रेस ने अपने वोट शेयर और सीट प्रदर्शन दोनों का हवाला देते हुए अधिक सीटों की मांग की थी। हालांकि तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि हमारा लक्ष्य सत्ता नहीं, बल्कि बदलाव है। सीटों से ज्यादा महत्वपूर्ण गठबंधन की एकता है। इसके साथ ही आरजेडी और कांग्रेस धीरे-धीरे अलग-अलग सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करेगी।
