पसान रेंज के हरदेवा गांव में हाथियों ने 29 ग्रामीणों के फसलों को किया क्षतिग्रस्त

कोरबा में 20 तो कटघोरा वनमंडल में 54 हाथी हैं सक्रिय
कोरबा 07 अक्टूबर। जिले के कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में 74 की संख्या में हाथी तीन अलग-अलग स्थानों पर विचरण कर रहे हैं। हाथियों के दल ने बीती रात उत्पात मचाते हुए जहां कटघोरा वनमंडल अंतर्गत पसान रेंज के हरदेवा गांव में 29 ग्रामीणों के धान फसल व केले को तहस-नहस कर दिया, वहीं कोरबा वनमंडल के करतला रेंज अंतर्गत रामपुर-पतरापाली गांव में 15 ग्रामीणों के धान को पैरों तले रौंद दिया, जिससे संबंधितों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। पीडि़त ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर नुकसानी के आंकलन में जुट गए हैं।
जानकारी के अनुसार पसान रेंज के सेमरहा सर्किल में इन दिनों 54 की संख्या में हाथी घूम रहे हैं। हाथियों के दल ने बीती रात सर्किल के हरदेवा गांव में पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने खेतों व बाड़ी में प्रवेश कर वहां लगे धान व केले के पौधों को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया, जिससे यहां के 29 ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। उनकी मेहनतों पर पानी फिर गया हैं। जहां 54 हाथियों के दल ने हरदेवा में भारी नुकसान पहुंचाया वहीं कोरबा वनमंडल के करतला रेंज के रामपुर सर्किल में स्थित पतरापाली गांव में भी 15 हाथियों का उत्पात रात भर जारी रहा। हाथियों का दल एक दिन पूर्व यहां पड़ोसी जिले रायगढ़ के छाल रेंज से पहुंचा है। हाथियों का दल पहले दिन शांत रहा लेकिन अगले दिन उत्पात मचाते हुए 15 ग्रामीणों के धान की फसल को मटियामेट कर दिया।
कोरबा वनमंडल के ही कुदमुरा रेंज में भी 5 हाथी गीतकुंवारी क्षेत्र में धरमजयगढ़ व कुदमुरा रेंज की सीमा पर सक्रिय है। हाथियों का दल कभी धरमजयगढ़ के जंगल में विचरण करते रहता है तो कभी कुदमुरा रेंज में आकर उत्पात मचाता है, जिससे ग्रामीण काफी परेशान हैं। हाथियों का यह दल विगत दो दिनों से गीतकुंवारी के जंगल में विचरण कर रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हाथियों की निगरानी लगातार की जा रही है। हाथियों के मौजूदगी वाले क्षेत्रों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क करने का काम भी जारी है।
