समुद्र की गोद में सोया था – सबसे अमीर शहर, खोज ने पूरी दुनिया के इतिहासकारों को हिलाकर रख दिया

काहिरा। हॉलीवुड फिल्मों में आपने अक्सर समुद्र के नीचे दफन रहस्यमयी शहरों और सोने के खजानों की कहानियां देखी होंगी। लेकिन, वैज्ञानिकों ने इस काल्पनिक कहानी को हकीकत में बदल दिया है। मिस्र के तट से करीब 7 किलोमीटर दूर अबू कीर खाड़ी की गहराई में पुरातत्वविदों ने एक ऐसा खोया हुआ शहर ढूंढ निकाला है, जिसे ‘मिस्र का अटलांटिस’ कहा जा रहा है। 2000 साल से भी ज्यादा समय पहले समुद्र में समा चुके इस प्राचीन शहर ‘थोनिस-हेराक्लिओन’ से सोने के चमचमाते गहने, चांदी की पवित्र वस्तुएं और एक विशाल गुप्त मंदिर मिला है। इस हैरान कर देने वाली खोज ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और इतिहासकारों को हिलाकर रख दिया है।

समुद्र की गोद में सोया था सबसे अमीर शहर

अलेक्जेंड्रिया शहर के बसने से पहले, थोनिस-हेराक्लिओन मिस्र का सबसे व्यस्त और अमीर बंदरगाह हुआ करता था। भूमध्य सागर से आने वाले हर व्यापारी जहाज को यहीं से होकर गुजरना पड़ता था। लेकिन, ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में आए भयानक भूकंप, सुनामी और बढ़ते जलस्तर के कारण इस शहर के नीचे की जमीन धंस गई। देखते ही देखते पूरा शहर, उसके आलीशान मकान और भव्य मंदिर समंदर की गहराई में समा गए। अब फ्रेंच खोजकर्ता फ्रैंक गोडियो के नेतृत्व में गोताखोरों की टीम ने इस डूबे शहर के सबसे बड़े रहस्यों से पर्दा उठाया है।

2500 साल पुरानी लकड़ी का रहस्य

मंदिर के फर्श की खुदाई करते समय वैज्ञानिक तब हैरान रह गए जब उन्हें जमीन के बहुत नीचे लकड़ी के बड़े-बड़े शहतीर और खंभे मिले। कार्बन डेटिंग से पता चला है कि ये लकड़ियां ईसा पूर्व 5वीं शताब्दी की हैं। इसका मतलब है कि इस भव्य मंदिर के बनने से पहले भी यहां कोई पुरानी सभ्यता या आबादी रहती थी, जिसके बारे में इतिहास की किताबों में कोई जिक्र नहीं है। इतने सालों तक पानी के अंदर लकड़ी का सुरक्षित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

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