चल समारोह के साथ शक्तिपीठों की ज्योत पहुंचेगी सप्तदेव मंदिर

कोरबा 20 सितंबर। देश के पांच शक्तिपीठों से लाई गई देवी की अखंड ज्योति की स्थापना नवरात्र पर देवपहरी के हिंगलाजगढ़ में की जाएगी। इससे पहले अपने-अपने क्षेत्र से इन अखंड ज्योति को चल समारोह के साथ निकाला जाएगा। निर्धारित स्थान पर यात्राएं आपस में मिलेंगी और फिर इसके पश्चात् सप्तदेव मंदिर मंदिर में पहुंचेंगी। रात्रि विश्राम के पश्चात् 21 सितंबर को इन्हें देवपहरी के लिए रवाना किया जाएगा।

बताया गया कि पांच शक्तिपीठों से जो अखंड ज्योति लाई गई है उन्हें अलग-अलग समय पर उन मंदिरों से रवाना किया जाएगा, जहां से इनका शुभारंभ हुआ था और वापसी के बाद इनका दर्शन लोगों ने किया। आयोजकों ने बताया कि शक्तिपीठ क्रमांक-1 की यात्रा निहारिका होकर जाएगी। माता कामाख्या देवी की यात्रा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास माता कामाक्क्षी की यात्रा से कनेक्ट होगी। शारदा भवानी मैहर की यात्रा पीएच रोड चौराहे पर क्रमांक-1 से जुड़ेगी, जबकि तीसरे क्रम की यात्रा से माता कालिका देवी पावागढ़ की यात्रा का मिलन पीएच रोड नहर पुल पर क्रमांक-3 की यात्रा से होगा। इसके पश्चात् सभी यात्राएं इस रास्ते से सप्तदेव मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी। पूरे कार्यक्रम में समय और शेड्यूल का ध्यान रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

इससे पहले शाम 5.15 बजे तक सभी ज्योति की आरती संबंधित मंदिरों में पूर्ण की जाएगी। चल समारोह में यात्रा के साथ भागीदारी करने वालों से निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने की अपेक्षा की गई है। रात्रि 8.30 से 10.30 बजे तक यहां पर भक्तों को शक्तिपीठों की ज्योति कलश के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। बताया गया कि रविवार 21 सितंबर को सुबह 9.30 बजे ज्योत कलश यात्रा सप्तदेव मंदिर से देवपहरी के लिए प्रस्थान करेगी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भजन-कीर्तन के साथ इन्हें रवाना किया जाना है। रूमगरा से होते हुए गढ़ उपरोड़ा तक ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसका स्वागत करेंगे। गढ़ उपरोड़ा में रात्रि विश्राम होगा। 22 सितंबर को सुबह 5 बजे यहां से पदयात्रा के साथ ज्योति कलश की पहुंच देवपहरी होगी और वहां पूजा-अर्चना पश्चात् विधिवत इनकी स्थापना की जाएगी।

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