वेस्ट बैंक हमारी जमीन है, यहां कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं होगा: PM बेंजामिन नेतन्याहू

तेलअवीव / वाशिंगटन. ऐसे समय में जबकि फ्रांस, समेत कई देश फिलिस्तीन को इसी माह एक राष्ट्र की मान्यता देने की तैयारी कर रहे हैं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक को इजराइली जमीन बताते हुए कहा कि यह हमारी जमीन है, यहां कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं होगा। इस घोषणा के बाद अरब देशों का भड़कना तय है, जिनमें पहले से ही इजराइल के कतर पर हमले को लेकर काफी रोष देखा जा रहा है। नेतन्याहू ने यरुशलम के पूर्व में स्थित इजराइली बस्ती मा’आले अदुमिम में आयोजित एक कार्यक्रम में एक समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए कहा, हम अपना वादा पूरा करने जा रहे हैं। कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं होगा। यह जगह हमारी है। हम शहर की आबादी दोगुनी करने जा रहे हैं।
यह एक ऐतिहासिक घटनाक्रम इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि दशकों से इजराइली सरकारें मा’आले अदुमिम को यरुशलम से जोड़ने वाले ई। क्षेत्र के करीब 12 वर्ग किमी इलाके को छूने से बचती रहीं।
कतर को भी चेतावनी
अगर कतर आतंकी संगठन हमास के पोलित ब्यूरो के सदस्यों को निष्कासित करते हुए उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा नहीं करता है तो यह हम करेंगे।
-बेंजामिन नेतन्याहू
21 देशों ने किया ई- योजना का विरोध
ई-1 क्षेत्र में विस्तार परियोजना को मंजूरी मिलने के एक दिन बाद ही, ऑस्ट्रेलिया और जापान से लेकर फ्रांस और डेनमार्क तक 21 देशों ने इस फैसले के खिलाफ एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। अमरीका ने इस परियोजना की निंदा नहीं की है। अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि ई-1 में निर्माण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं है। संयुक्त राष्ट्र समेत देशों ने चेतावनी दी है कि यह प्रोजेक्ट वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में बांट देगा। क्षेत्र के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से अलग हो जाएंगे और पूर्वी यरुशलम प्रभावी रूप से अलग-थलग पड़ जाएगा। इससे भौगोलिक रूप से फिलिस्तीनी स्टेट की स्थापना लगभग नामुमकिन हो जाएगी।
अमरीका नहीं करेगा हस्तक्षेप…
इजराइल में अमरीकी राजदूत माइक हुकाबी ने संकेत दिया है कि इस मामले में अमरीका के हस्तक्षेप की संभावना नहीं है। हुकाबी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अमरीका एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में इजराइल का सम्मान करता है और उस यह नहीं बताएगा कि उसे क्या करना है।
