विदेशी फिल्में और टी. वी. ड्रामे देखने या इन्हें शेयर करने पर मौत की सजा के मामले बढ़े

प्योंगयांग. संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उत्तर कोरिया की सरकार अब पहले से ज्यादा मौत की सजा दे रही है। विदेशी फिल्में और टीवी ड्रामे देखने या इन्हें शेयर करने जैसे अपराधों पर भी लोगों को मौत की सजा सुनाई जा रही है। देश में निगरानी बेहद बढ़ गई है और स्वतंत्रता पर लगातार अंकुश लगाया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने पिछले दस वर्षों में उत्तर कोरिया से भागे 300 से ज्यादा लोगों के इंटरव्यू को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की है। इसमें बताया गया कि 2015 के बाद से कम से कम छह नए कानून बनाए गए है, जिनमें मौत की सजा का प्रावधान है। 2020 से विदेशी कंटेंट शेयर करने पर सार्वजनिक रूप से फांसी दिए जाने के मामले बढ़े हैं।
मेरे तीन दोस्तों को मार दिया गया’
भागकर आई एक महिला कांग ग्युरी ने बताया कि उसके तीन दोस्तों को सिर्फ दक्षिण कोरियाई कंटेंट देखने के कारण मार दिया गया। सरकार ने जबरन मजदूरी भी बढ़ा दी है। अनाथ बच्चे भी खतरनाक कामों में लगाए जाते हैं, जहां मौतें आम हैं। यूएन ने कहा है कि अभी भी राजनीतिक जेल शिविर सक्रिय हैं। यहां यातनाएं दी जाती हैं।
