मसीही समाज ने धरना प्रदर्शन कर धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ का किया विरोध, राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

कोरबा 21 अगस्त। छत्तीसगढ़ में मसीही समाज द्वारा अपने समाज के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है कोरबा में भी मसीही समाज ने धरना प्रदर्शन कर चर्च और पूजा घरों में की जाने वाली तोड़फोड़ व मारपीट का विरोध करते हुए राज्यपाल के नाम कोरबा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

घंटाघर से लेकर सुभाष चौक और वहां से लेकर कोसा बाड़ी तक बड़ी संख्या में पुलिस के अधिकारी कर्मचारी सुबह से ही तैनात कर दिए गए थे। पता चला कि मसीही समाज बड़ी संख्या में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने वाला है। कहा जा रहा था कि 50 हजार से अधिक लोग एकत्रित होंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कुछ सौ लोग ही सुभाष चौक पर एकत्रित हुए। चर्च पर हमला और प्रार्थना सभा का विरोध करने का विरोध किया गया मसीही समाज के लोगों ने बताया कि संविधान में हमें जो अधिकार दिए गए हैं उसके तहत ही हम पूजा आराधना भी करते हैं लेकिन धर्म परिवर्तन के नाम पर उनके साथ मारपीट की जा रही है।
कोरबा क्षेत्र वेलफेयर एसोसिएशन समिति की अध्यक्ष रेवेन सीमा गोस्वामी ने कहा कि भारतीय संविधान में किसी भी नागरिक को अपने धर्म के अनुसार पूजा प्रार्थना और आराधना करने का मौलिक अधिकार प्राप्त है । वे सब भी इसी का ही पालन करते हैं लेकिन कोरबा समेत प्रदेश के अन्य जिलों में अगर चर्च अथवा घर में प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है तो वहां असामाजिक तत्व हंगामा करने पहुंच जाते हैं और आराधना में शामिल लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। कभी-कभी तो गाली गलौज और मारपीट तक की जाती है। मसीही समाज इसकी कड़ी निंदा करता है और शासन से अपनी सुरक्षा की मांग करता है।
मसीही समाज के इस आंदोलन को अपना समर्थन देने भीम आर्मी के लोग भी सुभाष चौक पहुंचे। भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार जांगड़े ने बताया कि पूरे विश्व में सबसे अच्छा संविधान भारतीय संविधान है। हम आजाद भारत के निवासी हैं लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा जातिवाद के नाम पर प्रताड़ित कर उनसे उनकी आजादी छीनी जा रही है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है लेकिन धर्मांतरण के नाम पर मसीही समाज को निशाना बनाया जा रहा है। भीम आर्मी इसका कड़ा विरोध करता है।
